उद्योगपति उदय कोटक की जीवनी हिंदी में (Uday Kotak Biography in Hindi)

उदय कोटक अपने भारत देश के सबसे अमीर लोगों मे सें एक है। भारत देश के बैंकिंग क्षेत्र मे इनका नाम बहुत जाना माना नाम है। उदय कोटक कोटक महिंद्रा बैंक के फाउन्डर और सीईओ है।

इनकी कोटक महिंद्रा फईनेंस लिमिटेड यह कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक से २२ मार्च २००३ में बैंकिंग लाइसेन्स प्राप्त करने वाली भारत देश के कॉर्पोरेट इतिहास की पहली कंपनी बन गई थी।

उदय कोटक का नाम भारत देश के सबसे अमीर लोगों मे से जीतने भी करोड़पति लोग है उनमे आता है। इनका कुल नेट वर्थ 1,130 करोड़ डॉलर तक है। तब आप सोच सकते है की उनकी इंडियन रूपीज मे कितनी नेट वर्थ होगी।

उदय कोटक का प्रारंभिक जीवन 

उदय कोटक जी महाराष्ट्र के राजधानी मुंबई में रहने वाले व्यक्ति है। उनका जन्म १५ मार्च १९५९ को एक गुजराती परिवार में हुआ था। इसलिए वो एक गुजराती परिवार के व्यक्ति है। 

वो और उनका परिवार जिस घर मे रहते थे, वो घर था तो बहुत छोटा लेकिन उनका परिवार बहुत बड़ा है। जहा उनका परिवार रहा करता था। उनके परिवार का कॉटन ट्रैडिंग नाम का एक पारिवारिक उद्योग था। 

उदय को क्रिकेट खेलना बहुत पसंद था। इसके अलावा वो सितार भी बजाय लिया करते थे। वो पढ़ाई मे भी बहुत अच्छे थे। उनका सबसे प्रिय विषय गणित था। इसलिए वो इस विषय मे बाकी विषयों की तुलना मे बहुत अच्छे थे। आगे चलकर उन्होंने सिड़नहम कॉलेज से Graduation किया और जमनालाल बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेनेजमेंट स्टडीज़ से उन्होंने Postgraduate की पढ़ाई की। 

उद्योग निर्माण की शुरुवात 

उन्होंने Postgraduate की पढ़ाई पूरी करने के बाद एमबीए की डिग्री हासिल की। उसके बाद उन्होंने उनकी कंपनी कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनैन्स लिमिटेड की सुरुवात की थी। उसी कंपनी को बादमे कोटक महिंद्रा फाइनैन्स लिमिटेड के नाम से जाना जाने लगा। उन्होंने इस कंपनी की शुरुवात करने के लिए अपने दोस्तों और रिस्तेदारों से कुल मिलकर 80 हजार डॉलर का कर्ज लिया था। इस कर्ज से उन्होंने बिल डिस्काउंट सर्विस के नाम से एक छोटीसी कंपनी की शुरुवात की थी। बादमे इसी कंपनी को उदयजी ने अपनी हिम्मत और कड़ी मेहनत करके 19 करोड़ डॉलर की बड़ी कंपनी बना दी। 

आगे चलकर उन्होंने साल 1990 मे ऑटो सेक्टर मे अपना कारोभार सुरू किया। उसके बाद उन्होंने साल 1991 में उस समय का भारत देश का सबसे बड़ा रीटैलर FICOM को संभाला था। कुछ सालों का समय होने के बाद उन्होंने ब्रोकरेज और वितरण बिज़नस को सिक्योरिटीज़ में शामिल किया। उसके साथ ही उन्होंने बैंकिंग प्रभाग के इनवेस्टमेंट को कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी में शामिल किया | 

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