Story of OnePlus Smartphone in Hindi

वनप्लस स्मार्टफोन वो फोन है जो मोबाइल इंडस्ट्री में बड़े बड़े कंपनीयोंको जैसे Apple iPhone, Samsung जैसी कंपनीयोंको टक्कर दे रही है। भविष्य में अगर परफॉर्मन्स अच्छा रहा तो इन सभी बड़े कंपनीयोंको पीछे छोड़के मोबाइल इंडस्ट्री में सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी बन सकती है।

आज वनप्लस स्मार्टफोन के वनप्लस 7 प्रो और वनप्लस 7T और 7T प्रो जैसे स्मार्टफोन लोगोंके दिलोंमे राज कर रहे है। जहा Apple iPhone जैसे स्मार्टफोन पूरी दुनिया में अपने परफॉर्मन्स के वजह से मशहूर थे। लेकिन उनकी हद से ज्यादा क़ीमतोंके की वजह से उसे हर कोई नहीं ले सकता था। उस आईफोन को खरीदने के लिए लोग कुछ न कुछ करते रहते थे। कोई लोग तो अपनी किडनी तक बेच देते थे और उन पैसो से आईफोन खरीदते थे। ये बहुत गंभीर बात थी।

लेकिन वनप्लस स्मार्टफोन ने अपने कही सारे ऐसे फ़ोन बाजार में लॉन्च किये की उसीके वजह से एप्पल आईफोन का बाजार धिरे धिरे कम होता जा रहा है। क्योंकि वनप्लस ने एप्पल आईफोन की क़ीमतोंके आधे से भी कम क़ीमतोंमे स्मार्टफोन (वनप्लस 7 प्रो और वनप्लस 7T और 7T प्रो) बाजार में उतारे जिनका फीचर और परफॉर्मन्स आईफोन की तुलना में बहुत ही ज्यादा अच्छा है और स्मार्टफोन की कीमते भी उनके परफॉर्मन्स के हिसाब से रखी थी। जिसे ग्राहक खरीदने के बारे में सोच सकता है। इसीलिए लोगोंके बिच वनप्लस स्मार्टफोन बहुत ही ज्यादा मशहूर हो गया था।

कंपनी की स्थापना:

वनप्लस स्मार्टफोन कंपनी की स्थापना 16 दिसंबर 2013 को चायना देश के राज्य फुटीयन में हुवा था। पिट लाउ और कार्ल पेई ये दो व्यक्ति इस कंपनी के फाउंडर है।

कंपनी का इतिहास:

इस कंपनी की खास बात ये है की इस कंपनी के फाउंडर पेटे लाउ और कार्ल पेई ये दोनों ओप्पो कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक में काम किया करते थे। पिट लाउ ने ओप्पो कंपनी में हार्डवेयर इंजीनियर के तौर पर अपने करीयर की शुरुवात की थी। कुछ साल बाद जब कंपनी को पिट लाउ के काम का परफॉर्मन्स पसंद आया तो उन्होंने पिट लाउ को ओप्पो कंपनी के ब्लू रे डिवीज़न का डायरेक्टर बना दिया।

इसमें भी उनके काम का परफॉर्मन्स  अच्छा रहा।  इसलिए उन्हें हेड ऑफ़ मार्केटिंग का भर सौंपा गया था। उसके बाद अंत में उन्हें कंपनी का वाईस प्रेसिडेंट बना दिया गया था। पिट लाउ के अच्छे परफॉर्मन्स और उनके टैलेंट के वजह वो हार्डवेयर इंजीनियर से कंपनी के वाईस प्रेसिडेंट बन गए।

बादमे उन्होंने अपने इस टैलेंट का उपयोग खुदका बुज़िनेस्स करने के लिए किया। इसीलिए उन्होंने 16 दिसंबर 2013 को कार्ल पेई के साथ मिलकर वनप्लस स्मार्टफोन कंपनी की स्थापना की। तब शुरुवाती दिनों में कंपनी में सिर्फ 6 लोग ही काम किया करते थे। शुरुवाती दिनों में कंपनी का खुदका मैन्युफैक्चरिंग यूनिट न होने के कारन उनको आपने पहला स्मार्टफोन ओप्पो कंपनी से ही बनवाना पड़ा था। जबकि पिट लाउ और कार्ल पेई उद्देश्य इतना ही था  कमसे कम दाम में ज्यादा से ज्यादा एडवांस स्मार्टफोन बाजार में लाये और एप्पल आईफोन जैसी बड़ी कंपनी से टक्कर दे सके।

पिट लाउ और कार्ल पेई जब ओप्पो कंपनी में काम कर रहे थे तब सस्ते स्मार्टफोन पर आधारित जब मीटिंग लेते थे तब सबके हाथ में तो सिर्फ आईफोन दीखते थे। तभी पिट लाउ ने सोच लिया की एक ऐसे स्मार्टफोन का अविष्कार करे जो कम दाम में हो लेकिन उसकी बिल्ड क्वालिटी और फीचर में एप्पल आईफोन जैसी कमपनी को टक्कर दे सके।

one + 1

तब कंपनी ने कम दाम में अच्छा फीचर देनेवाले फ़ोन को बाजार में उतारा था। उस स्मार्टफोन का नाम था one + 1 स्मार्टफोन। ये फ़ोन कंपनी ने बाजार में साल 23 अप्रैल 2014 में किया था। वनप्लस स्मार्टफोन के इस फ़ोन को लोगोने बहुत पसंद किया था। कंपनी के पहले फ़ोन के इम्प्रैशन ने ही लोकप्रियता हासिल की थी।

भारत देश में देखा जाये तो पिट लाउ को लगता था की प्रीमियम स्मार्टफोन बारात में ज्यादा नहीं चलेंगे। इसीलिए पिट लाउ ने भारत देश में अपना पहला स्मार्टफोन 23 अप्रैल 2014 की जगह दिसंबर 2014 में भारतीय बाजारपेठ में उतार दिया था। लेकिन यहाँपर जिस तरह से इस फ़ोन को लोगप्रियता मिली थी को वो देखने के बाद  पिट लाउ को यकीं नहीं हो रहा था। इसीलिए उन्होंने मार्केटिंग के मामले में भारत के लोगोंके हिसाब से फ़ोन बनाना चालू कर दिया।

और फिर वनप्लस स्मार्टफोन कंपनी को कभीभी पीछे मुड़कर देखने की जरुरत नहीं पड़ी। क्योंकि वनप्लस स्मार्टफोन कंपनी ने one + 1, one +2, one +X , one +3, one +5, one +6, one +7, one +7 Pro और one +7T  जैसे मोबाइल भारतीय बाजार में लांच किये और वो सब मोबाइल बहुत ही ज्यादा लोगप्रिय हो रहे है।

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