गणतंत्र दिवस पर भाषण (Republic Day Speech in Hindi 2021)

यहाँ उपस्थित सभी शिक्षकों और मान्यवरों को मेरी ओर से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। मै यहाँ मेरी ओर से गणतंत्र दिवस पर एक छोटासा भाषण देने जा रहा हु।

आज हम अपने भारत देश के इस विशेष और शुभ अवसर पर एकत्र हुए है। क्योंकि आज हम हमारे देश का 72 वा गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे है। इसलिए मै यहाँ सभी उपस्थित माननीय शिक्षकों और मान्यवरों का हार्दिक अभिनंदन करता हु।

आप सभी को मै इस गणतंत्र दिवस के भाषण में अपने विचार साझा करने की कोशिश करूंगा। जिसके लिए मै अपने क्लास टीचर को दिल से धन्यवाद कहना चाहता हु, क्योंकि उनकी वजह से मुझे अपने देश के बारेमें मेरे मन के विचार सबके सामने कहने का मौका मिल रहा है।

गणतंत्र दिवस का निर्माण

अपना भारत देश 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन के गुलामी से आजाद हुआ और एक स्वतंत्र देश बन गया था। तभी से हम लोग हर साल 15 अगस्त के दिन स्वतंत्र दिवस मनाते है।

लेकिन उस समय अपने भारत देश का संविधान नहीं बना था। बल्कि अपने देश का संविधान 26 जनवरी 1950 में अस्तित्व में आया था।

तभी से हमारे देश में हर साल 26 जनवरी के दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे देश में कई सारे सांस्कृतिक कार्यक्रम होते है।

गणतंत्र दिवस का अर्थ

गणतंत्र दिवस मतलब वो दिवस जब अपने भारत देश के संविधान का निर्माण हुआ था। जिसमे गणतंत्र का अर्थ होता है, सर्वोच्च अधिकार और शक्ति देश में रहने वाले लोग।

जहा के लोगों को इसी संविधान के आधार पर अपने देश का नेतृत्व संभालने योग्य राजनीतिक नेताओं का चुनाव करने का पूरा अधिकार होता है और यह काम सिर्फ अपने देश के लोग ही कर सकते है।

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क्योंकि यह अधिकार भारतीय संविधान के आधार पर सिर्फ जनता को ही होता है। इसका कारण यह है कि, अपने भारत देश का संविधान यहा रहने वाले लोगों को समान सामाजिक और आर्थिक अधिकार प्रदान करता है।

भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष

अपने भारत देश को ब्रिटिश शासन के गुलामी से आजाद करके एक स्वतंत्र देश बनाने के पीछे कई सारे स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष शामिल है।

इन महान स्वतंत्रता सेनानियों में भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, सरदार बल्लभ भाई पटेल, चंद्र शेखर आजाद और ऐसे कई सारे महान लोग शामिल है।

क्योंकि इनके बिना अपना देश कभी भी आजाद नहीं होता और देश आजाद नहीं होता, तो अपने देश के संविधान की कल्पना करना भी बहुत मुश्किल है। जिनकी वजह से आज हम इस दिन को देख पा रहे है। इसलिए इस विशेष अवसर पर हमे उन महान हस्तियों को याद करना चाहिए।

अपने भारत देश के विकास में रुकावट

अपने देश के सबसे पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने कहा है की, हमने संविधान के आधार पर इस विशाल देश को एक साथ लाया है।

जिसमे हम सभी को समान अधिकार प्रदान किए गए है। लेकिन इसके बावजूद भी आज हम अभी भी अपने देश में अपराध, भ्रष्टाचार, हिंसा और आतंकवाद से लड़ रहे हैं। जो हमारे देश के विकास का रुकावट बना है।

निष्कर्ष 

हमारे अपने देश को अपराध, भ्रष्टाचार, हिंसा और आतंकवाद जैसे समस्याओं से मुक्त करने के लिए फिर से एक बार एकजुट होने की जरूरत है। जिसमे हमे अपने देश के समाज से इन सभी सामाजिक बुराइयों को दूर करने का भी संकल्प लेना चाहिए। जो हमारे देश के विकास की रुकावट बना है।

इन्ही विनम्र शब्दों के साथ मै अपने भाषण को समाप्त करता हु।

जय हिंद, जय भारत

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