विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध (Essay on World Environment Day in Hindi)

इस धरती पर पुरे जीवसृष्टि को जीवित रहने के लिए यहा का पर्यावरण सबसे महत्वपूर्ण पहलु है। यही एक धरती की ऐसी देन है, जो इस संसार के जीवन को टिकाऊ बना सकती है। क्योंकि पर्यावरण के बिना इस धरती पर जीवसृष्टि कभी भी जीवित नहीं रह सकती है।

पर्यावरण के बिना पेड़ पौधे नहीं रहेंगे, तब सभी जीवों को भोजन और पानी नहीं होगा। क्योंकि पेड़-पौधों की वजह से फल सब्जियां मिलती है। उनकी वजह से वातावरण ठंडा रहता है, इसलिए बारिश होती है और हमें पानी मिलता है।

इसलिए हमें पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए और उसके सभी प्राकृतिक संसाधन को नुकसान नहीं पोहोंचाना चाहिए। जो हमारे जीवन का ही एक अविभाज्य घटक है।

विश्व पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस हमेशा हर साल 5 जून को होता है। इस विश्व पर्यावरण दिवस को करीब 100 से अधिक देशों में मनाया जाता है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा चलाया जाता है, जिसे UNEP के नाम से भी जाना जाता है।

यह विश्व पर्यावरण दिवस पूरी दुनिया में साल 1973 से मनाया जाने लगा। इस विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण के संरक्षण के बारे जागरूकता फैलाना है।

ग्लोबल वार्मिंग

इस धरती के पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान ग्लोबल वार्मिंग के वजह से ही होता है। इसलिए ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को रोकने के लिए हमें कई सारे निवारक उपाय ढूंढने होंगे। जिससे ग्लोबल वार्मिंग काम हो सके।

क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग ही हमारे पर्यावरण के बर्बादी का मूल कारण है। जिसके लिए हम सभी इंसान जिम्मेदार है। क्योंकि हम ने ही इस दुनिया में कई प्रकार से प्रदुषण फैला रखा है।

जिसकी वजह से इस दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग जैसे समस्या उत्पन्न हुई है। इसलिए हमारे पर्यावरण की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। क्योंकि अगर हम समय पर इसका उपाय नहीं करेंगे तो हमें और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए यह हानिकारक साबित हो सकता है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर हमें क्या करना चाहिए?

इस दिन हमें सबसे पहले हमारे सभी कामों से छुट्टी लेना चाहिए और पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न अभियानों में शामिल होना चाहिए।

उसके बाद हमें ऐसी जगह पौधे लगाने चाहिए, जो जगह पूरी तरह से बंजर भूमि हो। जहा पौधे लगाने की वजह से कुछ सालों बाद वह बंजर भूमि पेड़ पौधों से भर जाए और एक जंगल बन जाए। जिससे वहांका पर्यावरण संतुलित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर स्कूल के छात्र क्या करते है?

इस दिन देश के सभी स्कूलों में शिक्षक अपने छात्रों को पेड़ लगाने के तरीके सिखाते हैं। इस दिन शिक्षक छात्रों को जंगलों में लेकर जाते है। वहा उन्हें पेड़ों के विभिन्न प्रजातियों के बारे में बताते है।

जिससे उन्हें विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों के बारे में पता चलता है। सभी छात्र अपने अपने घरों से पौधा लाते है और उस जंगल के बंजर जमीन के अंदर लगाते है। यह पर्यावरण के लिए एक भावनात्मक लगाव भी बनाता है।

निष्कर्ष

पर्यावरण को प्रदुषण से रोखने के लिए आज के समय में कई सारे कदम उठाएं जा रहे है। जैसे की प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना, बंजर जमीन पर पौधे लगाना, ताकि वही जगह कुछ साल बाद एक हरे भरे जंगल में बदल जाए। जिससे पर्यावरण फिरसे संतुलित हो जाये। जनसंख्या में कमी ऐसे ही कई सारे उपाय अनिवार्य रूप से उठाये जा रहे है। जिससे पिछले कई वर्षो से पर्यावरण को हो रही हानि कम हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: