मेरा परिचय पर निबंध हिंदी में (My Self Essay in Hindi)

अपनी पृथ्वी पूरी तरह से जीवसृष्टि से भरी हुई है। क्योंकि यहा सभी जीवों को रहने लायक वातावरण मौजूद है। इस जीवसृष्टि में अलग अलग प्रजातियाँ होती है।

उन प्रजातियों की अलग अलग पहचान होती है। जो उनको बाकियों से अलग बनाती है। लेकिन इस दुनिया के पूरे जीवसृष्टि में हम मनुष्य को सबसे बेहतर माना जाता है।

क्योंकि हम मनुष्य सबसे बुद्धिमान जीव है। इस मनुष्य प्रजाति में हम सभी लोग शामिल है। जहा सबका अलग अलग परिचय होता है। इसी तरह मै भी एक मनुष्य हु। इसलिए मेरा भी एक अलग परिचय है। जो मुझे बाकियों से अलग बनाता है।

मेरी पहचान

मेरा नाम सुशांत पाटील है। मै भारत देश के महाराष्ट्र राज्य में रहता हु। मेरा जन्म महाराष्ट्र के लोकप्रिय शहर मुंबई में हुआ था।

मेरा परिवार एक मध्यमवर्गीय परिवार है। मेरे परिवार में हम पाँच लोग रहते है। जिसमे मेरे माता-पिता, और हम तीन संताने शमील है।

इन तीन संतानों में मै सबसे बड़ा हु। मेरे बाद मेरी बहन है और मेरा भाई हम तीनों में सबसे छोटा है। मेरे पिताजी एक बड़े कंपनी के मैनेजर है।

मेरी पढ़ाई

मेरा जन्म मुंबई में हुआ था। इसलिए मेरी पढ़ाई भी मुंबई से ही शुरू हुई थी। जिसमे मेरी स्कूल की प्राथमिक शिक्षा वहाके एक स्कूल में हुई थी।

जिसके बाद मेरे पिताजी की कंपनी दूसरी जगह शिफ्ट हो गई थी। इसलिए मेरी 12 तक की शिक्षा वहाके एक कॉलेज में हुई थी और आगे की पढ़ाई मुंबई यूनिवर्सिटी से पूरी थी।

मेरा बचपन

मै जब छोटा था, तब मेरे पिताजी मुझे हमेशा हर रविवार को मरीन लाइन और गेटवे ऑफ इंडिया जैसी जगहों पर घुमाने लेके जाते थे।

तब मुझे वहासे उस समुंदर की सुंदरता देखके अच्छा लगता था। मेरे बचपन में मै अपने स्कूल के दिनों में पढ़ाई के साथ साथ अपने दोस्तों के साथ खेला करता था।

मेरा पसंदीदा विषय

स्कूल के दिनों में हम सभी के कोई ना कोई विषय अपने पसंदीदा विषय होते है। इसी तरह मेरा भी पसंदीदा विषय विषय था इतिहास।

इसिहास विषय मुझे इसलिए पसंद था, क्योंकि उसमे इतिहास में घटी हजारों साल पुरानी घटनाओं के बारेमें जानकारी मिलती थी। जो मुझे जानने बहुत अच्छी लगती थी।

मेरे पसंदीदा खेल

वैसे तो मै जब छोटा था, तब मै अपने दोस्तों के साथ कई सारे खेल खेला करता था। लेकिन उस समय मुझे सिर्फ खेलना पसंद था।

लेकिन जैसे जैसे मै बड़ा होते गया, वैसे वैसे मुझे क्रिकेट के प्रति आकर्षण बड़ने लगा था। इसलिए मै हमेशा अपने दोस्तों के साथ ज्यादातर क्रिकेट ही खेला करता था। तबसे क्रिकेट ही मेरा सबसे ज्यादा पसंदीदा खेल बन गया।

मेरी आदत

इस दुनिया में हर किसी की अलग अलग आदत होती है। जो उसको अपनी एक अलग पहचान देती है। इसलिए हमे अपनी आदतों पर ध्यान देना चाहिए और उसको सुधारणा चाहिए।

इसी तरह मेरी भी एक आदत है कुछ नया सीखने की। इसलिए मै स्कूल से लेकर अपने करिअर तक कुछ ना कुछ नया सीखता रहा और आगे चलकर उसी करिअर में एक सफल व्यक्ति बनने के लिए हमेशा कुछ ना कुछ सीखता रहूँगा और उसपर कड़ी मेहनत करके सफलता हासिल करूंगा।

मेरा सपना

हम सभी लोगों के मन में कई सारे सपने होते है। जिनको पूरा करने के लिए हम दिन रात मेहनत करते है। फिर चाहे वो सपना कुछ पाने का हो या फिर कुछ बनने का। हर किसी का अपने एक विशेष सपना होता है।

उसी तरह मेरा भी एक सपना है की, मुझे एक बहुत बड़ा इंजीनियर बना है। जिसके लिए मै अपने पढ़ाई में ईमानदारी से और मन लगाकर मेहनत करूंगा। ताकी मै एक सफल इंजीनियर बन सकु।

 

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निष्कर्ष

इस निबंध में मैंने अपने बारेमें वो सभी जानकारी बताने की कोशिश की है, जो मै बता सकता था। जो मेरी पहचान है। ये पहचान मुझे बाकियों से अलग बनाती है। क्योंकि जैसे हम एक आईना देखते है, तो उसमे हमारा ही प्रतिबिंब हमे दिखता है। उसी तरह हमारा परिचय भी अपने जीवन का एक प्रतिबिंब होता है। जो बाकियों से हमे अलग बनाता है। 

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