मेरे जीवन का लक्ष्य पर निबंध (Mere Jeevan Ka Lakshya Par Nibandh)

प्रस्तावना

यह एक सच्चाई है की, जिस व्यक्ति के जीवन में कोई लक्ष्य नहीं होता है, उस व्यक्ति का जीवन एक मरे हुए व्यक्ति के समान होता है। क्योंकि इस दुनिया में जीने के लिए हर किसी के पास कोई ना कोई उद्देश्य होता है।

जिससे उस व्यक्ति को जीने की एक उम्मीद मिल जाती है। हम इंसान इस दुनिया के सबसे बुद्धिमान प्राणी है। इसलिए हम बाकी प्राणियों से बहुत अलग होते है। जहा हमे अपने लक्ष्य को चुनने का पूरा अधिकार होता है।

इस धरती पर जीने वाले हर व्यक्ति की मानसिकता अलग अलग होती है, इसलिए हर एक व्यक्ति के जीवन का लक्ष्य भी अलग अलग होता है।

लक्ष्य क्या होता है?

लक्ष्य वो होता है, जो हमारी जीवन जीने की उम्मीद होती है। जिससे हम सामान्य भाषा में उद्देश भी कहते है।

इस लक्ष्य में हम अपनी मंजिल को पाने के लिए बहुत मेहनत करते है, बहुत सारे इरादे बनाते है और उसमे सफल होने का प्रयास करते है।

जिसके लिए हम अपने लक्ष्य को समय के छोटे छोटे टुकड़ों में बाँट देते है। जिससे हमे अपने लक्ष्य को पाना आसान होता है।

बिना लक्ष्यवाला व्यक्ति

जो व्यक्ति अपने जीवन में कोई भी लक्ष्य निर्धारित नहीं करता है, उसका जीवन एक कटे पतंग की तरह होता है। जो अपने लक्ष्य के रास्ते से भटका हुआ रहता है।

जिसकी वजह से उसे अपने जीवन में कई सारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। जिससे वह व्यक्ति कभी भी अपने लक्ष्य तक नहीं पोहोच पाता।

लक्ष्य निर्धारित करनेवाला व्यक्ति

अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने वाला व्यक्ति एक योद्धा की तरह होता है। जो हर मुसीबत का सामना करने से पीछे नहीं हटता है।

बस उसके मन में अपने लक्ष्य को लेकर आत्मविश्वास होना चाहिए और उस लक्ष्य के बीच में आने वाली मुसीबतों का सामना करने की उसमे हिम्मत होनी चाहिए।

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अगर लक्ष्य निर्धारित करने वाला व्यक्ति ऐसा होगा, तो वो व्यक्ति अपने जीवन में एक सफल व्यक्ति बन जाएगा।

मेरे जीवन का लक्ष्य

हर किसी की तरह मैंने भी अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिससे मुझे जीने की उम्मीद मिलती रहेगी।

जिसमे मैंने अपने जीवन में एक सफल कॉम्पुटर इंजीनियर बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए मैं हमेशा मेहनत करता रहूँगा।

फिर चाहे मेरे लक्ष्य में कितनी भी मुसीबतें बाधा बनकर खड़ी हो जाएं, मै उनसे डटकर सामना करूंगा और मेरे लक्ष्य में सफल हो जाऊंगा।

निष्कर्ष

जैस हमे अपनी भूख को मिटाने के लिए खाने की जरूरत होती है और प्यास को बुझाने के लिए पानी की जरूरत होती है, उसी तरह एक सुखी जीवन जीने के लिए हमे अपने जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी होता है।

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