History of Warren Buffet (Biography) in Hindi

वॉरेन बफेट ये वो व्यक्ति है जो दुनिया में टॉप 10 सबसे आमिर लोगोंके  यदि में शामिल है। जिन्हे दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर भी कहा जाता है। आज हम इन्ही इन्वेस्टर के बारे में जानेंगे।

वॉरेन बफेट का एक संवाद बहुत लोगप्रिय है। वो कहते है की , “यदि आप उन चीजोंको खरीदते हो  जिनकी आपको जरुरत नहीं है तो जल्दी आपको उन चीजोंको भी बेचना पड़ेगा जिनकी आपको जरुरत है। “

वॉरेन बफेट का परिचय:

वॉरेन बफेट का पूरा नाम वॉरेन एडवर्ड बफेट है। वॉरेन बफेट का जन्म 30 अगस्त 1930 में अमेरिका के राज्य नेब्रास्का में स्थित ओमाहा में हुआ था। वो एक अमेरिकन नागरिक है। वॉरेन बफेट बर्कशायर हैथवे कंपनी के सी.ई.ओ है। इनका जन्म एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी कुल संपत्ति 82.2 बिलियन डॉलर इतनी है।

वॉरेन बफेट का शुरुवाती जीवन:

वॉरेन के पिता का नाम हावर्ड है। उनके पिता एक स्थानीय शेयर दलाल थे और वॉरेन एक दलाल का बेटा होने के कारण उनका शेयर बाज़ार से बहुत कम उम्र में ही सामना हो गया। वॉरेन बफेट बेंजामिन ग्राहम से बहुत ही ज्यादा प्रभावित थे। वॉरेन बेंजामिन ग्राहम के विचारोंचे इतने प्रभावित हुए थे की उनसे सीधे शिक्षा प्राप्त करने के लिए वो कोलंबिया प्रबंध स्कूल में भर्ती हो गए। वॉरेन बफेट अक्सर ग्राहम द्वारा दी गई शिक्षा के बारे में कहते थे की “शेयर को एक व्यवसाय के रूप में देखना, बाज़ार के उतार चढाव को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना और सुरक्षा की गुंजाईश रहे इसकी चेष्टा करना, ये सभी निवेश करने के मूलभूत सिद्धांत हैं।”

वॉरेन बफेट की जीवनशैली:

वॉरेन बफेट वो इंसान है जिनको पूरी दुनिया में शेयर बाजार के जादूगर भी कहा जाता है। वॉरेन बफेट दुनिया के सबसे बड़े धनी व्यक्तियोंमे से एक और शेयर मार्केट के सबसे बड़े इन्वेस्टर होने के बावजूद भी इतने चर्चित नहीं रहते जितने की वो अपने जीवनशैली को लेकर रहते है। उनकी जीवनशैली इतनी प्रभावशाली है की उसकी वजह से उनको बाकि आमिर लोगोंसे अलग बनाती है। उन्होंने अपनी कमाई का ज्यादातर हिस्सा दान में दिया है। वॉरेन बफेट आज भी उसी घर में रहते है , जिस घर को 50 साल पहले उन्होने अपनी शादी के बाद लिया था। दुनियाके हर आमिर आदमी अपने गाड़ी के लिए ड्राइवर रखते है और अपनी सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी भी लगाते है लेकिन वॉरेन बफेट इसके बिलकुल विपरीत है। वॉरेन बफेट अपनी कार खुद चलाते है और सुरक्षा के लिए कोई सिक्योरिटी भी नहीं रखी है। उससे हमें ये पता चलता है की खुदका काम और खुदकी सुरक्षा खुद करनी चाहिए। ऐसे कामों के लिए पैसा फिजूल नहीं करना चाहिए।

कुछ साल पहले दुनिया के सबसे अमीर इंसान बिल गेट्स एक बार वॉरेन बफेट से मिले थे। उनसे मिलने का समय बिल गेट्स ने आधा घंटा रखा था। क्योंकि बिल गेट्स को लगता था की वॉरेन का स्वाभाव थोड़ा अलग है। जिसके चलते इसलिए उनसे कुछ ज्यादा बात बनने वाली नहीं है। लेकिन जब बिल गेट्स वॉरेन बफेट से मिले तो वो उनकी बातोंसे और उनके विचारोंसे प्रभावित हो गए। उसके बाद बिल गेट्स की आधे घंटे की मीटिंग पुरे 10 घंटे तक चली थी।

जब वॉरेन बफेट मात्र 11 साल के थे तब वो हर घर में जाके न्यूज़पेपर बाटा करते थे। वो न्यूज़पेपर बातके वॉरेन हर महीना 180 डॉलर कमाते थे। उन्होंने न्यूज़पेपर बाटकर जो पैसा मिलता था उन पैसोंको वो बचत करते थे और उन्ही पैसों से उन्होंने 14 साल की छोटीसी उम्र में एक जमीन खरीदी। 14 साल के उम्र में अपनी खुदकी जमीन खरीदना ये बहुत बड़ी बात है।

वॉरेन बफेट ने इतनी बचत की थी की वो जब कॉलेज कर रहे थे तब उन्होने अपने कॉलेज के समय तक 80,000 डॉलर जमा किये थे। जो कि उस समय के हिसाब से बहुत ही ज्यादा थे। वॉरेन बफेट कहते है की आज मै जो भी हु उसका सारा श्रेय बेंजामिन ग्राहम को जाता है। दोस्तों बेंजामिन ग्राहम भी एक शेयर मार्केट के इन्वेस्टर थे। इनके यहाँ वॉरेन बफेट ने  1200 डॉलर प्रतिमाह के वेतन पर काम किया था। जब वॉरेन बफेट ने कंपनी जॉइन की थी उससे ठीक 2 साल बाद बेंजामिन ग्राहम रिटायर हो गये थे। उसी वक़्त वॉरेन बफेट ने भी वहासे नौकरी छोड़ दी थी।

उसके बाद उन्होंने खुदका बर्कशायर हैथवे नाम का बिजिनेस शुरू किया। अगले कुछ सालो में उनको इस बिजिनेस से  इतना फायदा हुआ की वो  दुनिया में सबसे आमिर रहने वाले लोगोंके बिच आ गये। वॉरेन बफेट अपनी संपत्ति मेसे ज्यादातर हिस्सा दान में देते है। इसलिए इनको पूरी दुनिया में 21 वी सदी के सबसे बड़े दानवीर भी कहते है।

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