History of Mobile in Hindi – मोबाइल का इतिहास

दोस्तों हम सब २१ वी सदी में रहते है। आज की तारीख में आप किसीको बिना मोबाइल नहीं देख सकते। जैसे पुराने समय में खाना – पीना बहुत जरुरी था। वैसे ही आज के जमाने में  खाने पीने के साथ मोबाइल भी उतना ही जरुरी हो गया है। दोस्तों इस मोबाइल के बिना बहुत ऐसे लोक है जो एक दिन नहीं बल्कि एक मिनट भी दूर रहे तो बैचेन हो जाते है। दोस्तों आज हम इसी मोबाइल के बारेमे जानेंगे की वो कैसे बना, क्यों बना, किसलिए बना और आज लोगोंकी सबसे बड़ी जरुरत कैसे बना।

दोस्तों आज आपके हाथ में जो मोबाइल है जिसे हम स्मार्टफोन कहते है वो पहले ऐसा नहीं था। इस यंत्र पर बहुत सारे संशोधन हुए थे। बटनवाले मोबाइल से लेकर टचस्क्रीन मोबाइल तक बहुत सारे संशोधन और प्रयोग हुए उसके बाद जाके कही ये स्मार्टफोन बने है। दुनिया जैसे जैसे आगे चलती जाएगी मोबाइल में वैसेही बदलाव होते जाएंगे।

मोबाइल कैसे बना:

ऐसे सुना है की जब दुनिया मे पहला मोबाइल बना था तब उसका वजन एक इट जितना भारी था। वो मोबाइल आकार में भी इट जितना बड़ा था। यही मोबाइल बनाने वाली कंपनी मोटोरोला थी। मोटोरोला कंपनीने ही दुनिया में पहली बार मोबाइल जैसे यंत्र का अविष्कार किया। 3 अप्रैल, 1973 को मोटोरोला कंपनी के एक शोधकर्ता और कार्यकारी मार्टिन कूपर ने दुनियामे पहली बार मोबाइल कॉल किया और उनका कॉल उठाने वाले प्रतिद्वंदी बेल लैब्स के डॉ. जोएल एस।

मोबाइल क्यों बना:

पुराने जमाने में हम लोक दूर रहने वाले व्यक्ति से बात करने के लिए खत लिकते थे। बादमे उस खत का जवाब आने के लिए बहुत दिन तक राह देखते रहते थे। इसीलिए उस परेशानी को हटाने के लिए टेलीफोन का अविष्कार हुआ। तब दूर रहने वाले लोगोंको एक दूसरे से बात करने में आसानी हुई थी। लेकिन उसमे भी एक परेशानी उठकर सामने आ गई थी। वो परेशानी ये थी की आप एक ही जगह खड़े रहकर बात कर सकते है। उसे लेकर इधर-उधर घूमके बात नहीं कर सकते थे। क्यूंकि वो वायरलेस नहीं था। उसको भी टेलीफोन केबल लगी हुई थी। इसीलिए कुछ सालों बाद मोबाइल का अविष्कार हुवा जिससे टेलीफोन केबल और एक जगह खड़े रहकर बात करने की परेशानी चली गयी। ये यंत्र कभीभी और कहीभी लेके जा सकते है।

मोबाइल किसलिए बना:

वैसे देखा जाये तो मोबाइल एक दूसरे से बात करने के लिए बना था। लेकिन दुनिया जैसे जैसे आगे निकलती गई वैसे वैसे मोबाइल में लोगोंके जरुरत के हिसाब से बदलाव होते गये। जैसे की सुरुवाती दिनों में मोबाइल में सिर्फ नंबर डाइल कर सकते थे। उसके बाद धीरे धीरे उसमे कैलकुलेटर, तारीख और वक़्त, सन्देश भेजना , इंटरनेट का वापर करना, ऑनलाइन खाना मंगवाना, ऑनलाइन चीज़े मंगवाना, गेम खेलना ऐसे ही बहुत सारी जरूरतोंको पूरा करने के लिए बहुत सारे पर्याय दिए गये है। उसके बाद लोगोंकी जरुरत की हिसाब से और भी पर्याय आते रहेंगे।

इसीलिए लोगोंकी आधेसे ज्यादा जरूरतें मोबाइल से हे पूरी हो जाती है। खाने से लेकर जरुरत की हर चीज़ घर बैठे मिल रही है। किधर दौड़ना नहीं पड़ता है। तभी तो मोबाइल (स्मार्टफोन) आज के लोगोंकी सबसे बड़ी जरुरत बन गया।

मोबाइल कंपनी:

समय के साथ लोगोकी मोबाइल के अन्दर के नए नए फीचर की जरुरत बढ़ गयी। इन्ही जरूरतोंको पूरा करने के लिए इस दुनिया में बहुत सारी मोबाइल कंपनिया बाजार में आने लगी। जैसे की

इन जैसे बहुत सारी कंपनिया बाजार में आने लगी। ये कंपनिया लोगोंकी जरूरतोंके बदलाव लानेके चक्कर में एक दूसरे से स्पर्धा करने लगे।

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