हरिथा हरम पर निबंध (Haritha Haram Essay In Hindi)

प्रस्तावना

पेड़ पौधे हमारे पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके बिना हमारी पृथ्वी अधूरी है। क्योंकि इस धरती पर पूरे जीवसृष्टि को जीने के लिए पानी के साथ साथ ऑक्सीजन और शुद्ध हवा की भी जरूरत होती है।

यह ऑक्सीजन और शुद्ध हवा हमे सिर्फ पेड़ पौधों से ही मिलती है। लेकिन बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए वनों की कटाई भी बढ़ती जा रही है।

जिससे पर्यावरण पर बहुत बुरा असर पड रहा है। इसलिए इस समस्या को रोकने के लिए हरिता हरम योजना शुरू की गई है। इस योजना में लोग पेड़ों की कमी को पूरा करने के लिए ढेर सारे पौधे लगाते हैं।

योजना का प्रारंभ और मुख्य उद्देश्य

हरिता हरम योजना का प्रारंभ 3 जुलाई 2015 को भारत देश के राज्य तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने की थी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य यही था की, तेलंगाना राज्य को वनों की कटाई से होने वाले नुकसान से बचाना और हर तरफ पेड़ों की कमी को पूरा करने के लिए वृक्षारोपण का कार्य करना।

इससे तेलंगाना राज्य में हर तरफ हरियाली होगी और पर्यावरण का पारिस्थितिक संतुलन भी बना रहेगा।

हरिता हरम योजना के लाभ

इस योजना के कई सारे लाभ है। जैसे की इस योजना में लोगों द्वारा बहुत ज्यादा मात्रा में वृक्षारोपण का कार्य किया जाता है।

जिससे धरती पर फिरसे हरियाली बढ़ जाएगी और पूरे वातावरण में शुद्ध हवा बहने लगेगी। जो पूरे जीवसृष्टि के लिए बहुत जरूरी है।

इस योजना की माध्यम से वनों की कटाई पर बंदी लगाई जाएगी। सभी लोगों को पेड़ों का महत्व समझाया जाएगा। इस योजना के तहत बंजर भूमि को फिरसे उपजाऊ बनाया जाएगा।

इस बंजर भूमि में कई सारी जगह शामिल है। जैसे की, सड़कों के आसपास रहने वाला खाली क्षेत्र, बगीचे, घर और स्कूल के आसपास का क्षेत्र और ऐसे ही कई सारी जगह है। इस तरह अन्य कई सारे लाभ है, जो हमे इस योजना के माध्यम से मिलने वाले है।

निष्कर्ष

भारत सरकार ने देश को प्रदूषणमुक्त करने के लिए हरिता हरम अभियान जैसे कई सारे और भी अभियान बनाए है। जिसमे हम सभी को सरकार का साथ देना होगा और इस धरती को फिरसे पहली की तरह प्रदूषणमुक्त करने में मदत करनी होगी।

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