Ferrari Car History in Hindi

फेरारी वो कार है जिसपे दुनिया का हर इंसान फ़िदा है। फेरारी को दुनिया में हर इंसान ड्रीम कार के रूप में देखना चाहेगा, क्योंकि उसका डिजाईन और इंटेरिअर दिखने में इतना आकर्षक है की उसे हर कोई लेना चाहेगा। फेरारी कार जबसे बनी है तबसे वो अपनी खूबसूरत डिजाईन से लोगोंको आकर्षित करते आ रही है। आज हम इस फेरारी के बारेमे जानेंगे।

एंज़ो फेरारी:

एंज़ो फेरारी जिनका पूरा नाम एंज़ो एंसेलमो ग्यूसेप मारिया फेरारी है। जिनका जन्म 20 फरवरी 1898 में इटली देश में स्थित मोडेना राज्य में हुआ था।  एंज़ो का जन्म इटली देश में हुआ था इसलिए वो एक इटालियन इंसान थे। वो फेरारी कंपनी के फाउंडर थे।

फेरारी की शुरुवात:

फेरारी कार कंपनी की स्थापना साल 1929 में हुई थी और इस कंपनी की स्थापना करने वाले एंजो फेरारी थे। लेकिन 1947 में फेरारी के रूप में कानूनी तौर पर चलने वाले वाहनों का उत्पादन करने से पहले इस कंपनी ने चालकों को प्रायोजित किया और दौड़ में भाग लेने वाली गाड़ियों का उत्पादन किया। फेरारी एक इटालियन कार कंपनी है क्योंकि इसकी स्थापना इटली में स्थित मारानेल्लो में होई थी।

जब फेरारी कंपनी के संस्थापक एंजो फेरारी अपने बचपन में एक बार अपने पिता के साथ कार रेसिंग देखने चले गये थे तब उन्हें वो कार रेसिंग इतनी पसंद आई की उन्होंने ठान ली की वो बड़े होकर एक रेसिंग कार ड्राइवर बनेंगे। तबसे वो हमेशा हर एक कार रेसिंग स्पर्धा देखने जाते थे। एंजो फेरारी ने मोडेना कॉलेज से अपनी स्नातक स्तर की पढाई (Graduation) पूरी की थी। उसके बाद वो अग्निशामक दल वर्कशॉप के एक स्कूल में वो शिक्षक बनके काम करने लगे। उनका ये काम शुरू होनेसे कुछ ही महीनो बाद  पहले विश्वयुद्ध में शामिल होने के लिए  एंजो फेरारी को इटालियन आर्मी जॉइन करना पड़ा था। उसी बिच साल 1916 में उनके भाई और पिता पहले विश्वयुद्ध में मारे गये थे इसके वजेसे उनको बहुत बड़ा झटका लगा था।

इसीलिए उनके परिवार की आर्थिक हालत बहुत ख़राब हुई थी। इसकी वजह से एंजो फेरारी विश्वयुद्ध से वापस लौट आये और फिरसे नौकरी की तलाश करना शुरू कर दिया। इसी बिच उन्होंने उस वक़्त लोकप्रिय कंपनी फ़िएट कार कंपनी में नौकरी की तलाश की थी।  लेकिन वहा नौकरी के लिए जगह न होने के कारन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था। बादमे काफी कोशिशों के बाद उन्हें  इटली के शहर तुरीन में मोटर कंपनी  में  एक टेस्ट ड्राइवर के तौर पर काम मिला था।

एंजो फेरारी ने ऑटो मोबाइल क्षेत्र के बारे मे कोई पढ़ाई नहीं की थी। लेकिन उनको कारों का बहुत ही ज्यादा शोक था इसलिए वो मोटर कंपनी में काम करके अनुभव ले रहे थे और सब काम सिख रहे थे। उनको कार का बहुत ही ज्यादा शौक होने के कारन उनको कारों का ज्ञान बहुत ही ज्यादा था। उसके बाद साल 1919 में उनके कारोंके प्रति आत्मविश्वास और ज्ञान को देखते हुए उन्हें रेसिंग कार ड्राइवर के पद के लिए चुना गया था। इस तरह उन्होंने जो बचपन के दिनों में रेसिंग कार ड्राइवर होने का सपना देखा था वो पूरा हो गया था।

उसके बाद उन्होंने बहुत सारे कार रेसिंग स्पर्धा खेली थी। उनमे से कही सारी स्पर्धायें जीती भी थी। साल 1925 में उनके कार रेसिंग पार्टनर की रेसिंग स्पर्धा खेलते समय मौत हो गयी थी। इसका बहुत बड़ा झटका एंजो फेरारी को लगा था। इस घटना के वजेसे उनका कार रेसिंग से मन उड़ गया था। इसलिए एंजो ने साल 1932 में कार रेसिंग स्पर्धा से अपने बेटे के जन्म के बाद सेवा निवृत्त होने का फैसला ले लिया। बाद में उन्होंने अल्फ़ा रोमिओ कार कंपनी में मैनेजमेंट और डेवलोपमेन्ट का काम देखने लगे थे। 1939 में उन्होंने खुदकी कंपनी बनायी। जिसका नाम था ऑटो एविओ कोस्ट्रोजिओनी। एंज़ो फेरारी के इस कंपनी में दूसरे कार कम्पनिओं को पार्ट सप्लाई करने का काम होता था।

एंजो फेरारी अपने इस ऑटो एविओ कोस्ट्रोजिओनी कंपनी का नाम फेरारी भी रख सकते थे। लेकिन उन्होंने जब अल्फ़ा रोमिओ कंपनी छोड़ी थी तब कंपनी ने एंजो के साथ करार किया था और उसमे बताया था की “अगर तुमने अगले 4 साल तक कोई कंपनी खोली तो उस कंपनी का नाम फेरारी नहीं रख सकते। ” लेकिन जब एंजो फेरारी ने अपनी कंपनी खोली थी तब ज्यादा कुछ कमा नहीं पाई क्योंकि तब दूसरा विश्वयुद्ध चालू हो गया था। जब दूसरा विश्वयुद्ध ख़तम हो गया था तब एंजो ने 1946 में अपने कंपनी के लिए कार डिज़ाइन करना शुरू कर दिया था।

Ferrari 125s

तब 1947 में एंज़ो फेरारी ने अपने नाम के साथ कार बाजार में उतारी थी। जिसका नाम फेरारी 125s था। ये मॉडल बहुत ज्यादा लोकप्रिय होने लगा था। उसके बाद फेरारी कंपनी की बनाई हुई कारों को रेसिंग में भी स्पर्धा के लिए शामिल किया जाने लगा। उसके बाद एंजो फेरारी ने 1951 में अपना पहला ग्रैंड प्रिक्स मॉडल बेचा था। उसके बाद फेरारी कंपनी पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गयी।

Ferrari 1st Gran Prix Module

फेरारी कंपनी जब लोकप्रिय हो गयी।  तब उन्होने और नए डिजाईन और नए फीचर वाले बनाना चालु कर दिया। उसके बाद उनके हर नए मॉडल बिक्री बढ़ती चली गयी। तब वो पूरी दुनिया भर में मशहूर हो गयी।

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