स्वामी विवेकानंद पर निबंध हिंदी में (Essay on Swami Vivekananda in Hindi)

प्रस्तावना

स्वामी विवेकानंद एक कायस्थ परिवार से हैं जो बहुत आध्यात्मिक थे। स्वामीजी ने रामकृष्णदेव नाम के महान व्यक्तित्व को प्रेरित और प्रेरित किया है।

रामकृष्ण देव ने स्वामीजी को अंधेरे से एक भ्रम प्राप्त करने में मदद की। उनके पिता का नाम वीपी दत्ता था जो उच्च न्यायालय में काम करते थे।

स्वामी विवेकानंद

उनकी माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था, जो एक धार्मिक परिवार में एक गृहिणी थीं। स्वामीजी ने विशाल पश्चिमी दर्शन और इतिहास को सीखा है।

उनके गुरु ने हिंदुओं के धर्म का नया पाठ पढ़ाया है। रामकृष्ण देव ने स्वामी जी को समझाया कि भगवान पृथ्वी पर जीवित प्राणी का निर्माण करते हैं।

आपको परमेश्वर की सेवा के लिए मानव जाति की सेवा करनी चाहिए। स्वामीजी के गुरु के इस सबक ने उनके कौशल को प्रभावित किया, और उन्होंने मानवता की सेवा करने का फैसला किया।

स्वामी जी ने विश्व के युवाओं को योग और वेदांत का विशाल आध्यात्मिक ज्ञान दिया है। स्वामी जी का मानना ​​है कि महिलाओं का विकास और सशक्तिकरण विश्व के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने युवाओं और महिलाओं को शिक्षित करने के लिए रामकृष्ण मिशन नामक एक संगठन की स्थापना की। स्वामी विवेकानंद का यह संगठन स्कूलों, अस्पतालों और कॉलेजों की मदद करता है।

स्वामीजी ने भूकंप के पीड़ितों की सेवा करने में भी मदद की है। स्वामी विवेकानंद का मानना ​​है कि हिंदू धर्म एक महान धर्म है। हिन्दू धर्म भारत के अन्य धर्मों को समायोजित कर सकता है।

निष्कर्ष

उन्होंने अपना पूरा जीवन भगवान की सेवा के लिए मानवता के विकास और विकास में बिताया। वह अतिरिक्त तनाव और चिंताओं को नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ और शांत रहने के लिए उपयोग करता है।

वह धैर्य, पवित्रता, व्यापकता, सादगी और दृढ़ता प्रकृति में विश्वास करता है। स्वामीजी की उपस्थिति से नैतिक और आध्यात्मिक प्रोत्साहन मिलता है।

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