रक्षा बंधन पर निबंध हिंदी में (Essay on Raksha Bandhan in Hindi)

पूरी दुनिया के कई देशों में जैसे कई सारे त्योहार होते है। वैसे ही अपने भारत देश में भी कई सारे त्योहार होते है। ये त्योहार अभी से नहीं बल्कि प्राचीन समय से होते आ रहे है।

ये सभी त्योहार अपने देश के सांस्कृतिक त्योहार है। उसमे होली, दिवाली और बहुत सारे त्योहार शामिल है। उसी मे से एक है रक्षा बंधन का त्योहार।

रक्षा बंधन इस त्योहार को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। ये त्योहार पूरी तरह से भाई और बहन के लिए ही बनाया गया है। उनके लिए ही ये दिन समर्पित है।

रक्षा बंधन का वर्णन

रक्षा बंधन ये त्योहार हिंदू धर्म का त्योहार है। जो बहुत प्राचीन समय से चलता आ रहा है। जिसे लोग आज के समय भी में मनाते है और आगे भी हमेशा मनाते रहेंगे।

रक्षा बंधन ये त्योहार सावन के महीने में आता है। ये दिन पौर्णिमा का भी दिन होता है। इस दिन घर के सभी लोग सुबह जल्दी उठ जाते है। नए कपड़े पहनकर त्योहार की तैयारी करते है।

इस दिन को कई सारे लोग राखी के नाम से भी जानते है। इस दिन राखी का बहुत सम्मान होता है। जिसको एक बहन अपने भाई के हाथ में बाँधती है। 

राखी का वर्णन

रक्षा बंधन के दिन को हिंदू धर्म में बहुत बड़ा सम्मान और आदर होता है। इस दिन राखी का बहुत बड़ा महत्व होता है। जिसको बहन अपने भाई के हाथों के कलाई पर बांधती है। 

यह राखी मतलब एक धागा होता है। जो हाथों में बांधा जाता है। ये है तो एक मामूलिसा धागा। लेकिन इसका सम्मान इसलिए नहीं होता की वो एक धागा है। इस धागे का सम्मान इसलिए होता है क्योंकि इस धागे में एक बहन का अपने भाई के प्रति प्यार और सम्मान छुपा हुआ होता है।

जो इस धागे को एक साधारण धागे से एक अनमोल धागा बना देता है। तब इस धागे का रूपांतर एक राखी में होता है। जिसमे छिपे बहन के प्यार के सामने एक कोहिनूर हीरा भी छोटा दिखने लगता है। 

इस दिन का महत्व

अपने भारतीय संस्कृति में कई त्योहार होते है। उनमे से ही एक है रक्षा बंधन। ये त्योहार भाई-बहन के प्यार का प्रतीक होता है। इसलिए इस त्योहार का अपने भारत देश में बहुत बड़ा सम्मान होता है। 

इस त्योहार का महत्व और अर्थ “रक्षाबंधन” इस शब्द में ही छिपा हुआ है। क्योंकि रक्षा और बंधन ये दोनों शब्द अलग अलग है। रक्षा का मतलब है सुरक्षा करना और बंधन का मतलब है सुरक्षा देने के वचन से बंध जाना। 

इसलिए रक्षाबंधन के दिन हाथ के कलाई पर बांधी जानी वाली राखी सिर्फ एक राखी नहीं होती बल्कि एक वचन होता है। जो बहन अपने भाई से मांगती है और भाई अपने लाड़ली बहन को ये रक्षा का वचन दे देता है। 

रक्षा बंधन के दिन क्या होता है?

रक्षा बंधन ये त्योहार भाई बहन के लिए एक खास त्योहार होता है। ये त्योहार श्रावण महीने में आता है। इस दिन सभी लोगों को अपने कामों से छुट्टी होती है।  

इस छुट्टी के दिन सभी लोग सुबह जल्दी उठ जाते है। उसके बाद बहन अपनी आरती की थाली सजाकर अपने भाई की आरती उतारती है। उसके बाद भाई के दाहिने हाथ के कलाई में राखी बाँधती है। 

बहन अपनी भाई को राखी बांधने के बाद उसको मिठाई खिलाकर उसका मुह मीठा करती है। इस तरह बहन अपना प्यार अपने भाई के लिए जताती है। तब भाई अपने बहन को हर मुसीबत से बचाने का वचन देता है। इस तरह ये त्योहार संपन्न होता है। ये त्योहार सिर्फ अपने भारत देश मे ही नहीं बल्कि ओर भी कई सारे देशों मे मनाया जाता है। जैसे की मॉरेशिस और नेपाल।  

त्योहार से संबंधित एतिहासिक उदाहरण

रक्षाबंधन से संबंधित सबसे बड़ा उदाहरण है भगवान श्री कृष्ण और पांडवों की पत्नी द्रोपदी। एक बार भगवान श्री कृष्ण पांडवों के साथ मिलकर पतंग उड़ा रहे थे। 

तभी अचानक पतंग उड़ते समय श्री कृष्ण की उंगली को चोट लग गई और उंगली से खून बहने लगा। तब ये द्रोपदी ने देख लिया और तुरंत अपने वस्त्र का एक छोटासा कपड़ा फाड़कर उनके उंगली को बाँध दिया। 

तब भगवान कृष्ण ने द्रोपदी को रक्षण करने का वचन दिया था। इसीलिए जब द्रोपदी का हस्तिनापुर के भरी सभा में वस्त्रहरण हो रहा था तब भगवान श्री कृष्ण ने ही द्रोपदी की रक्षा की थी। 

निष्कर्ष 

रक्षाबंधन ये त्योहार सिर्फ भाई बहन के प्यार का प्रतीक ही नहीं, बल्कि ये त्योहार हमे एक वचन के महत्व को भी सिखाता है। राखी तो सिर्फ एक धागा होता है, लेकिन उससे बंधे वचन को बहुत बड़ा महत्व होता है। हमे उस महत्व को समजना होगा। वचन के इस सत्य मूल्य को पहचानना होगा।  

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