खरगोश पर निबंध (essay on rabbit in hindi)

प्रस्तावना

खरगोश एक चंचल जानवर होता है। वह बहुत तेज भागता है। खरगोश का रूप देखने को सुंदर और प्यारा होता है, इसलिए कई सारे लोग इसे पालतू जानवर के रूप में घर में रखते है।

खरगोश एक ऐसा जानवर होता है, जो जंगल में ज्यादातर पाया जाता है। वह हर समय उछलता-कूदता रहता है। यह जानवर ज्यादातर बच्चों में बहुत लोकप्रिय होते है।

पूरी दुनिया में खरगोश की करीब 305 प्रजातियाँ है। जिसमे यह जानवर अंटार्कटिका को छोड़कर पूरी दुनिया में पाएं जाते है।

खरगोश के नाम

खरगोश में नर और मादा दोनों दोनों प्रकार होते है। जिसमे जो नर खरगोश होता है, उसे ‘बक’ कहा जाता है और जो मादा खरगोश होती है, उसे ‘डो’ कहा जाता है। इसिके साथ उनके जो बच्चे होते है, उन्हे ‘किट’ कहा जाता है।

खरगोश का शरीर

खरगोश एक ऐसा प्राणी होता है, जो स्थानपायी प्रजाति मे आता है। उसके शरीर का आकार एक अंडे के आकार की तरह अंडाकार होता है।

जिसके ऊपर उसकी गर्दन और सिर होता है। खरगोश को चार पैर होते है, जिनमे से दो पैर बड़े होते है और दो पैर छोटे होते है। जिसकी मदत से वह बहुत ज्यादा तेज दौड़ते है।

उसके पीछे वाले बड़े पैर बहुत ज्यादा मजबूत होते है। जिससे उनको लंबी छलांग लगाने में आसानी होती है। उसके चारों पैरों में नुकीले नाखून होते है, जिससे उनको गड्ढा खोदने में मदद होती है।

खरगोश का आकार बिल्ली जितना छोटा होने के साथ साथ उसका शरीर छोटे छोटे मुलायम बालों से पूरी तरह से ढका हुआ होता है। जिस कारण खरगोश अपने आप को गर्मी और ठंड से बचा सकता है।

खरगोश की नाक सूंघने के मामले में बहुत ज्यादा तेज होती है। इसी के साथ खरगोश के जो दो लंबे कान होते है, वह कान उसके ऊपर बहुत आकर्षित दिखते है।

इनके यह कान सुनने के मामले में इतने तेज होते है की, छोटी सी छोटी आवाज भी यह आसानी से सुन सकते है।

खरगोश की जो दो आंखें होती है, वह आंखें 360 डिग्री के कोण पर देखने में उनकी मदद करती हैं। उसको एक छोटीसी पुछ होती है।

खरगोश का शरीर भी एक बिल्ली की तरह बहुत ज्यादा लचीला होता है, जिस कारण उनको कितनी भी ऊंचाई से गिरने के बावजूद भी चोट नहीं लगती है।

खरगोश के रंग

खरगोश की कई रंग की प्रजातियाँ होती है। जैसे की सफेद, काले और भूरे रंग में खरगोश पाएं जाते है।

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