मोटापा पर निबंध (essay on obesity in hindi) – Motapa Par Nibandh

प्रस्तावना

मोटापा ज्यादातर दो चीजों के मिश्रण का निष्कर्ष है – अधिक मात्रा में  भोजन और शून्य के जैसे शारीरिक गतिविधि करना। यह आवश्यकता नहीं कि यह भोजन का बहुत ही अधिक मात्रा में निरन्तर सेवन करने से हो या एक आनुवंशिक समस्या हो।

यह कुछ दवाइयों के विपरीत असर के तौर पर भी हो सकती है। हमारे शरीर में मोटापा अधिक भोजन की नियमित खपत और शरीर में इकट्ठा होने वाली अतिरिक्त वसा को जलाने के लिए सही शारीरिक गतिविधियों की कमी की वजह से होता है।

मोटापा के वजह से, किस तरीके से यह हमारे शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है, इस समस्या को खत्म करने और उसका इलाज करने के लिए मोटापा खत्म करने के तरीकों का पालन करें।

मोटापे के कारक

  1. अधिक भोजन शारीरिक गतिविधियों का असर

भोजन हमेशा जरूरी मात्रा से अधिक सेवन करना और बहुत कम मात्रा में शारीरिक गतिविधियाँ करना, यह मोटापे के वृद्धि के दो मुख्य कारण है। जिससे मोटापा बहुत तेजी से बड़ता चला जाता है।

  1. मनोवैज्ञानिक विषय

कुछ लोग ऐसे होते है, जब वो किसी मुश्किल परेशानियों से गुजरते है, तब वो उस हालत में ज्यादा मात्रा में भोजन का सेवन करते है। जिससे मोटापे में वृद्धि होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है।

  1. आनुवांशिक

अगर किसी बच्चे के माता पिता में से किसी एक को मोटापे की समस्या होती है, तो उस बच्चे को भी मोटापे का शिकार होने की संभावना हो सकती है, जिसे हम आनुवंशिक मोटापा भी कह सकते है। जिसमे उस बच्चे का दोष नहीं रहता है।

  1. दवाओं के कारण मोटापा 

कुछ लोगों को दवाओं के कारण मोटापे की समस्या का शिकार होना पड़ता है। जैसे की गर्भ निरोधक गोली, अवसादरोधी जैसे कई सारी दवाओं के सेवन के कारण व्यक्ति के वजन में वृद्धि होती है। जिस कारण कुछ समय बाद ऐसे लोग मोटे हो जाते हैं।

मोटापे को रोकने के प्रयोजन

ऐसे कई सारे तरीके और विकल्प मौजूद है, जिससे हम मोटापे की समस्या से हमेशा के लिए दूर रह सकते है या फिर उससे छुटकारा पा सकते है। उनमे से कुछ तरीके यहा पर बताएं गए है।

  1. स्वस्थ भोजन का चयन

हमे अगर मोटापे की समस्या से हमेशा के लिए दूर रहना है, तो सबसे पहले हमे स्वस्थ भोजन को अपनाना होगा। क्योंकि उसमे फाइबरयुक्त और पोषक आहार होते है। इस स्वस्थ्य भोजन में बहुत कुछ शामिल होता है। जैसे की, फल – सब्जियां, अनाज आदि। इसी के साथ हमे अपने भोजन के सेवन पर भी नियंत्रण रखना होगा।

  1. भोजन की मात्रा और आकार

स्वस्थ्य भोजन के साथ हमे अपने भोजन की मात्रा का भी खयाल रखना होगा। क्योंकि अधिक मात्रा में भोजन भी मोटापे का कारण होता है। इसलिए हमे एक समय में ही ज्यादा मात्रा में भोजन करने की बजाए पूरे दिन थोड़ा थोड़ा खाते रहना है। जो अपने शरीर के लिए अधिक महत्वपूर्ण होता है।

  1. व्यायाम

एक सप्ताह के हर एक दिन में कम से कम 15 से 30 मिनट तक व्यायाम, कसरत और योगा जैसी शारीरिक गतिविधियाँ करते रहे। क्योंकि इससे हमारे शरीर में कभी भी मोटापे की समस्या निर्माण नहीं होती है। मोटापा विश्व की एक बढ़ती हुई समस्या है।

एक स्वस्थ आहार योजना के अंतर्गत एक नियमित व्यायाम व्यवस्था स्थापित करके इसे कम कर सकते हैं। अगर हमारे शरीर में मोटापे के कारण कोई गंभीर समस्या पनपती है, तो जल्द से जल्द इसका इलाज करने के लिए चिकित्सा सहायता को खोजें।

निष्कर्ष

घबराहट, क्रोध व चिंता जैसी भावनायें भी कुछ लोगों की खाने की आदतों पर प्रभाव डालती  हैं। इन नकारात्मक प्रभावों के कारण लोग अपने भोजन की मात्रा में वृद्धि करते हैं।

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