प्राकृतिक आपदा पर निबंध हिंदी में (Essay on Natural Disaster in Hindi)

प्राकृतिक आपदा एक ऐसी घटना है, जो पूरे संसार को बहुत ज्यादा हानी पोहोचती है। जिससे पूरे पर्यावरण को और उसमे रहने वाले हम सभी लोगों को बहुत ज्यादा हानी पोहोच जाती है।

हम इंसानों की वजह से फैलने वाले प्रदूषण की वजह से ये प्राकृतिक आपदा ज्यादा तर आती है। क्योंकि इसी प्रदूषण की वजह से ही हम लोगों को हानी पोहोच रही है। जो आगे चलकर एक भयानक रूप ले सकती है।

हम लोगों ने अगर ये प्रदूषण वक्त रहते रोका नहीं तो आगे चलकर ये प्रदूषण की वजह से बढ़ने वाली प्राकृतिक आपदाये और ज्यादा बढ़ सकती है।

प्राकृतिक आपदा के प्रकार

प्राकृतिक आपदाए कई तरीकों से आती है। कई प्रकार से प्राकृतिक आपदा की हानी हम सभी को होती है। इसमे कई सारे प्रकार आते है। जिससे समाज को बहुत नुकसान पोहोचता है।

कई सारी प्राकृतिक आपदाए जैसे की, भूकंप, चक्रवात, बाढ़, सुनामी, भूस्खलन, ज्वालामुखी विस्फोट और हिमस्खलन है। ये सभी प्राकृतिक समस्याए जो बहुत जो बहुत ज्यादा हानिकारक है।

आपदा के स्तर

इस प्राकृतिक आपदा की समस्या तीन श्रेणियों में आती है। उन श्रेणियों के अनुसार ये आपदाये आती है। जिससे समाज को कम या ज्यादा नुकसान होता है।

ये तीन श्रेणिया जिसमे छोटी स्तर की आपदाएँ, मध्यम स्तर की आपदाएँ और बड़े स्तर की आपदाएँ। इस तरह इन तीन श्रेणियों में प्राकृतिक आपदाएँ होती है। छोटी आपदाएँ जो 50 किलोमीटर से लेकर 100 किलोमीटर तक आती है। इसलिए ये आपदाएँ समाज को कम नुकसान पोहोचाती है।

मध्यम स्तर की आपदाएँ जो 100 किलोमीटर से लेकर 500 किलोमीटर तक आती है। ये आपदाएँ छोटी आपदाओं से ज्यादा नुकसान पोहोचती है। बड़ी आपदाएं जो क्षेत्र के 1000 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर तक नुकसान पोहोचाती है। इसलिए ये आपदा पहले दो आपदाओं से बहुत ज्यादा गंभीर है। अगर डिग्री अधिक है तो ये आपदाएं किसी देश को भी अपने कब्जे में ले सकती हैं। उदाहरण के लिए, डायनासोर का सफाया बड़े पैमाने पर प्राकृतिक आपदा के कारण हुआ था।

पृथ्वी पर आने वाले भूकंप

भूकंप मतलब पृथ्वी की वो आपदा जिसमे कमजोर भूकंप, मध्यम स्तर के भूकंप और बड़े स्तर के भूकंप ऐसे तीन प्रकार आते है। छोटे स्तर के भूकंप जिसमे कमजोर भूकंप शामिल है। जिसमे कई भूकंप इतने कमजोर होते है की, वो अगर आए तो किसी को पता ही नहीं चलता। मध्यम स्तर के भूकंप जिसमे कोई ज्यादा हानी नहीं पोहोचती लेकिन सभी को पूरी धरती जोरों से कांपती हुई महसूस होती है।

बड़े स्तर के भूकंप जिसमे धरती का बहुत बड़े स्तर पर कंपन होता है। जिसमे ये भूकंप पूरे शहर को तबाह भी कर सकते हैं। भूकंप के कारण जमीन का विघटन हो सकता है। इसके अलावा, भूस्खलन, हिमस्खलन और सुनामी भी पैदा कर सकता है। भूकंप तभी आता है जब पृथ्वी के सबसे अंदर के स्तर में जहा संपूर्ण ज्वालामुखी का अस्तित्व है। जहा कभी कभी बहुत ज्यादा हलचल होने लगती है।

तब इसी हलचल की वजह से धरती के ऊपरी स्तर पर तरंगे पैदा होती है। जिसको हम लोग भूकंप कहते है। भूगर्भीय दोषों के टूटने से भूकंप आते हैं। लेकिन ज्वालामुखी विस्फोट, भूस्खलन खदान में विस्फोट जैसी अन्य घटनाएं भी भूकंप का कारण बन सकती हैं।

भूस्खलन

भूस्खलन मतलब एक ढलान के नीचे चट्टानों या मलबे का बढ़ना है। ये समस्याएं हम इसनों से हो रहे वनों के ज्यादा मात्रा में कटाई के कारण होते है। बढ़ती जनसंख्या के साथ घरों की और इमारतों की संख्या भी बढ़ती चली जा रही है।

जिस कारण बहुत सारे पेड़ों से भरे जंगल के जंगल पेड़ कटाई करके नष्ट कीये जा रहे है। जिस कारण पेड़ों की वजह से दबी हुई मिट्टी हवा और पानी के साथ बह जाती है। जिससे मिट्टी की ऊपरी परत पूरी तरह से नष्ट हो जाती है।

इसी के चलते भूस्खलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। गुरुत्वाकर्षण पुल, ज्वालामुखी विस्फोट, भूकंप भूस्खलन का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, वनों की कटाई के कारण मिट्टी का कटाव भी भूस्खलन का एक कारण है। 

हिमस्खलन

हिमस्खलन वो प्राकृतिक आपदा है, जो बर्फीली इलाकों में आती है। ये आपदा भी भूस्खलन की तरह होती है। इसमे अगर किसी बर्फीले पहाड़ पर बर्फ ज्यादा जम जाता है तो वहा की जगह भारी बन जाती है।

तब वो बर्फ पूरी तरह से टूटने लगती है। वो बर्फ टूटने की वजह से पहाड़ के नीचे की ओर आती है। जिसकी वजह इस आपदा के सामने जो भी चीज आती है। उसका पूरी तरह से नुकसान हो जाता है।

इस हिमस्खलन का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है, जो लोग बर्फ से भरे पहाड़ी इलाकों पर रहते है। जहा हिमस्खलन की सबसे ज्यादा समस्या होती है।

सुनामी

सुनामी मतलब महासागरों और समुद्रों में बहुत ऊंची लहरों का निर्माण होना है। जमीन का विस्थापन इन उच्च तरंगों का कारण बनता है। अगर सुनामी आती है तो सुनामी के कारण बाढ़ आ सकती है।

एक सुनामी में कई तरंगें शामिल हो सकती हैं। इन तरंगों में एक उच्च धारा होती है। इसलिए यह मिनटों के भीतर समुद्र के किनारे तक पहुंच सकती है। सुनामी का मुख्य खतरा यह है कि अगर कोई सुनामी देखता है तो वह उससे आगे नहीं निकल सकता है।

सुनामी हवा के कारण होने वाले सामान्य बाजों के विपरीत है। लेकिन सुनामी लहरें हैं जो जमीन के विस्थापन से होती हैं। इस प्रकार भूकंप सुनामी का मुख्य कारण हैं।

निष्कर्ष 

अपने धरती पर कई सारी आपदाएँ आती है। जिसमे से कई सारी प्राकृतिक आपदाएँ नैसर्गिक होती है। जिसको हम इंसान कुछ नहीं कर सकते। लेकिन, कुछ प्राकृतिक आपदाये ऐसी होती है जो हम इंसानों के निर्माण किए हुए प्रदूषण की वजह से निर्माण हो रहे है। इसलिए हमे प्रदूषण को खत्म करना होगा। जिससे हमारी कारण निर्माण हो रही कई सारी प्राकृतिक आपदाएँ नष्ट हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: