कठपुतली पर निबंध (Essay on Kathputli in Hindi)

प्रस्तावना

कठपुतली एक ऐसी कला है, जिसे मनोरंजन का एक साधन माना जाता है। हमारे भारत देश में यह कला प्राचीन काल से चली आ रही है।

उस जमाने में इस कला की माध्यम से लोगों को कई तरह की कहानियाँ बताई जाती थी और लोगों तक कई तरह के संदेश भी पोहोचाए जाते थे।

कठपुतली की लोकप्रियता

आज के समय में कठपुतली का खेल अपने भारत देश के साथ साथ दुनिया के कई सारे देशों में भी लोकप्रिय है। क्योंकि वहा भी यह कठपुतली का खेल खेला जाता है।

इसलिए इस कला को हम आज टेलिविज़न के साथ साथ कई सारे फिल्मों में और कार्यक्रमों में भी देख सकते है। जो कलाकार इस कला का प्रदर्शन लोगों के सामने करते है, उन्हे कठपुतली कलाकार भी कहते है। यह कला अपने राजस्थान राज्य में बहुत ज्यादा लोकप्रिय है।

कठपुतली का निर्माण

कठपुतली दिखने में गुड़ियों की तरह दिखती है। जिसका निर्माण पेपर, छोटे छोटे अलग अलग रंग के कपड़े और लकड़ी के टुकड़ों से किया जाता है।

यह एक निर्जीव चीज होती है। लेकिन जब इन्हे कठपुतली कलाकार अपनी कला की माध्यम से लोगों के सामने प्रदर्शित करते है, तब ऐसा लगता है की कोई छोटे से जीव अपने कला का प्रदर्शन हमारे सामने कर रहे है।

महान कार्य

कठपुतली एक छोटीसी और निर्जीव गुड़िया होती है। लेकिन कठपुतली कलाकारों द्वारा इन कठपुतलियों से कई सारे महान कार्य किए जाते है।

जैसे की इनके माध्यम से समाज में रहने वाले लोगों में नशाखोरी, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, दहेज प्रथा, भ्रष्टाचार और ऐसे ही कई सारे समस्याओं के खिलाफ जागरूकता फैलाई जाती है। इसलिए हर साल 21 मार्च को पूरे भारत देश में विश्व कठपुतली दिवस मनाया जाता है।

निष्कर्ष

कठपुतली का खेल अपने भारत देश के प्राचीन और लोकप्रिय कलाओं में से एक है। जिसका उपयोग मनोरंजन के लिए और लोगों तक महत्वपूर्ण संदेश पोहोचाने के लिए किया जाता है।      

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