डोरेमोन पर निबंध (Essay on Doraemon in Hindi)

प्रस्तावना

डोरेमोन यह एक कार्टून सीरीज है, जो आज बच्चों में बहुत ज्यादा लोकप्रिय और प्रसिद्ध है। क्योंकि बच्चों को ज्यादातर फिल्मों से ज्यादा कार्टून देखना पसंद होता है।

जिसमे बच्चे कई सारे कार्टून सीरीज देखते है। जैसे की मोटू पतलू, टॉम एण्ड जेरी, छोटा भीम और ऐसी ही कई सारी कार्टून सीरीज।

लेकिन आज के समय में बच्चों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय कार्टून सीरीज है डोरेमोन। इस कार्टून सीरीज को बच्चे बहुत ज्यादा पसंद करते है।

डोरेमोन सीरीज का पागलपन

आज बच्चों में सबसे ज्यादा मशहूर कार्टून सीरीज डोरेमोन है। क्योंकि इस कार्टून सीरीज में चल रहे मस्ती भरे पल बच्चों के खुशी का हिस्सा बन गए है।

इसलिए इस कार्टून सीरीज को देखने का पागलपन बच्चों के मन में इतना भरा हुआ है की, वह इस कार्टून को कई घंटों तक अपने टेलिविज़न पर देखते रहते है।

बच्चों के माता पिता

सभी बच्चों के माता पिता की इस कार्टून सीरीज को लेकर अलग अलग मान्यताएं है। क्योंकि यह कार्टून बच्चों में इतना लोकप्रिय है की, इसे देखने के लिए बच्चे कई घंटों तक टीवी के सामने बैठे रहते है।

इसलिए कुछ बच्चों के माता पिता का मानना है की, इस कार्टून की वजह से बच्चे बहुत ज्यादा समय तक टीवी देखते है, जिस कारण उनका अपने पढ़ाई पर से ध्यान हट जाता है।

तो कुछ माता पिताओं का यह मानना है की, बच्चे इस कार्टून सीरीज के माध्यम से अपनी हिंदी भाषा को सुधार सकते है।

डोरेमोन कार्टून सीरीज का जन्म और कहानी

सभी बच्चों में लोकप्रिय कार्टून सीरीज डोरेमोन का निर्माण जापान देश में हुआ था। जिसे फूजीको एफ फुजीओ नामक एक जापानी कलाकार द्वारा बनाया गया था।

डोरेमोन के पीछे की कहानी ऐसी है की, जिसमे एक डोरेमोन नामक रोबोटिक बिल्ला होता है। जो 22वी सदी से 21वी सदी में नोबिता नोबि नामक एक स्कूल के बच्चे का भविष्य सुधारने आता है।

डोरेमोन कार्टून सीरीज की सफलता

डोरेमोन एक ऐसी कार्टून सीरीज है, जो अभी तक के सबसे ज्यादा लोकप्रिय और सफल कार्टून सीरीज में से एक है। क्योंकि यह कार्टून सीरीज इतनी लोकप्रिय थी की, इसे कई सारे अवॉर्ड मिले थे।

जैसे की इस सीरीज को साल 1973 में जापान कार्टून एसोसिएशन एवार्ड से सम्मानित किया गया था। उसके बाद साल 2008 में इसे जापान देश के विदेश मंत्रालय ने देश का पहला एनिमे राजदूत के सम्मानित किया।

भारत देश में इस कार्टून सीरीज को साल 2013 और साल 2015 ऐसे दो बार निकलोडियन किड्स च्वाइस अवार्ड्स मिला था।

निष्कर्ष

डोरेमोन जैसी कई सारी कार्टून सीरीज बच्चों की खुशी ही नहीं, बल्कि उनके बचपन की निशानी है। जब आगे चलकर बच्चे अपने जीवन में बड़े होंगे, तब इन्ही कार्टून सीरीज के कारण वह अपना बचपन हर बार याद करेंगे।

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