दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi)

प्रस्तावना

अपना भारत देश बहुत सारे त्योहारों की भूमि है। जहा साल के 12 महीने कोई ना कोई त्योहार होते ही रहते है। जिसमे से एक है दिवाली का त्योहार। यह त्योहार भारत देश में सबसे बड़े त्योहारों में से एक है।

भारत देश का यह त्योहार पूरी दुनिया भर में बहुत ज्यादा लोकप्रिय है। इसलिए इस त्योहार को भारत देश के साथ साथ पूरी दुनिया में रहने वाले विभिन्न धर्म के लोग मनाते है।

इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी माना जाता है। इसलिए इस त्योहार को रोशनी के त्योहार के रूप में जाना जाता है। दिवाली के त्योहार के दौरान पूरे देश में तेज रोशनी होती है।

दिवाली का धार्मिक महत्व

इस त्योहार का अपने भारत देश में बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। क्योंकि यह त्योहार अपने देश के संस्कृतियों और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। जिसे देश के सभी क्षेत्रों में अलग अलग तरह से मनाया जाता है।

क्योंकि अलग अलग क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की इस त्योहार से जुड़ी सोच अलग अलग होती है। क्योंकि अलग अलग क्षेत्रों में इस त्योहार से जुड़ी कहानियाँ भी अलग अलग होती है।

जैसे की कुछ क्षेत्रों में रहने वाले लोग दिवाली के दिन को भगवान राम के वापसी का दिन भी मानते है। जहा भगवान राम ने देवी सीता को  लंकापती रावण को पराजित करके अयोध्या वापस ले आए थे।

दिवाली से जुड़ी अलग अलग कहानियाँ 

राम वापसी की कहानी की तरह अपने भारत देश के कुछ क्षेत्रों में नरकासुर की कहानी भी लोकप्रिय है। जहा भगवान कृष्ण ने इसी दिन नरकासुर का वध करके 16000 बंदी लड़कियों की रिहाई की थी।

कुछ क्षेत्रों में दिवाली के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। जिन्हे धन और समृद्धि की देवी भी माना जाता है और कुछ क्षेत्रों में दिवाली के दिन को एक नए साल की शुरुवात भी मानते है।

दिवाली में होने वाले सकारात्मक बदलाव

इस त्योहार के दिनों में अपने देश में कई सारे सकारात्मक बदलाव होते है। जहा लोग अपने दिल से सभी प्रकार के विवादों को भूलकर अपने रिश्ते को मजबूत करते है और इस त्योहार को धूमधाम से मनाते है।

क्योंकि इस त्योहार के दिनों में पुराने विवादों को भुलाने की वजह से समाज में खुशी और समृद्धि का माहोल होता है। जहा समाज में रहने वाले सभी लोगों के दिलों में नफरत के बदले प्यार होता है। इस तरह दिवाली के दिनों में पूरे देश में सकारात्मक बदलाव होते है।

दिवाली एक खुशी का त्योहार

इस त्योहार को शांति का प्रतीक भी माना जाता है। क्योंकि इस त्योहार के दिनों में लोग अपने दिल से नफरत को भूलाकर प्यार को अपनाते है। जिससे हमेशा लोगों के दिलों में शांति बनी रहती है।

जो इस समाज में हमेशा खुशी का माहोल लाती है। जिस कारण समाज के सभी लोग दिवाली की खुशियां पूरी तरह धूम धाम से मनाते है। इसलिए हम सभी के लिए दिवाली यह एक खुशी का त्योहार होता है।

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निष्कर्ष

अपने भारत देश में दिवाली यह त्योहार देश के प्रमुख धार्मिक त्योहारों में से एक है। इसलिए इस त्योहार को पूरे देश में बड़े ही धूम धाम से मनाते है। यह त्योहार अपने देश के प्रमुख धार्मिक त्योहारों मे से एक होने के साथ साथ पूरी दुनिया भर में लोकप्रिय है। इसलिए इस त्योहार को अपने देश के साथ साथ पूरी दुनिया के कई सारे देशों में मनाया जाता है। 

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