कौआ पर निबंध (Essay on Crow in Hindi)

प्रस्तावना

कौआ मतलब वो पक्षी होता है, जो काले रंग का होता है। यह एक सामान्य पक्षी होता है। जो दुनिया के हर हिस्से में पाया जाता है।

अपने भारत देश में भी यह पक्षी सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। कौवे की पूरी दुनिया में लगभग 45 से ज्यादा प्रजातियाँ मौजूद होती है।

इनमे से कुछ प्रजातियों का मुख्य रंग काला होता है, तो कुछ प्रजातियाँ ऐसी होती है जिनके गर्दन के पास सफेद या भूरा रंग होता है।

कौवे का आकार और चोंच

कौवे का बड़े पक्षियों की तरह बड़ा आकार होता है। इसी के साथ उसकी चोंच बहुत ज्यादा मजबूत और तेज होती है।

कौवे का औसत जीवनकाल

कौवे का जीवनकाल लगभग 20 साल तक होता है। लेकिन ऐसा कहा जाता है की, जंगली अमेरिकी कौवे की उम्र लगभग 30 साल होती है।

कौआ कहा पाया जाता है?

वैसे तो कौआ एक ऐसा पक्षी होता है, जिसे दुनिया के हर हिस्से में देखा जा सकता है। लेकिन फिर भी दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका इन जगहों पर कौवे नहीं होते है।

कौआ – सबसे बुद्धिमान पक्षियों में से एक

पूरी दुनिया में कौवे को सबसे बुद्धिमान पक्षियों में से एक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है की, कौवे के पास इंसान को पहचानने की और बाकी लोगों के बारे में सूचित करने की क्षमता होती है।

जिस कारण कई सारी प्राचीन कहानियों में भी कौवे का महत्वपूर्ण स्थान होता है।

निष्कर्ष

कौआ दिखने में काले रंग का होने के बावजूद भी इसे पूरे दुनिया के सबसे बुद्धिमान पक्षियों में से एक माना जाता है। इससे हमे यह सिख लेनी चाहिए की, इंसान की असली पहचान उसके रंग से नहीं बल्कि उसकी बुद्धिमत्ता और अन्य सकारात्मक गुणों से होती है।

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