जलवायु परिवर्तन पर निबंध हिंदी में (Essay on Climate Change in Hindi)

जलवायु परिवर्तन मतलब पृथ्वी पर हो रहे पर्यावरण के अचानक बदलाव। पर्यावरण में हो रहे परिवर्तन जिसे हम जलवायु परिवर्तन कहते है।इसी जलवायु परिवर्तन को हम अंग्रेजी भाषा में क्लाइमेट चेंज भी कहते हैं।

आज के आधुनिक युग में मानव जो तेजी से विकास कर रहा है इस विकास में इंसान कई सारी आधुनिक चीजें बना रहा है जिसमें कई सारी ऐसी चीजें शामिल है जिससे पूरे पर्यावरण को धोखा बन रहा है। इस विकास में इंसान बहुत तेजी से कर रहे औद्योगिकरण की वजह से पर्यावरण में बहुत बदलाव आए है।

जलवायु परिवर्तन का वर्णन

जलवायु परिवर्तन मतलब मानव द्वारा तेजी से बढ़ रहे औद्योगिकरण की वजह से पर्यावरण में आने वाली तेजी से बदलाव। यह बदलाव पूरे पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा धोखा है।

एक बहुत बड़ा खतरा जो पूरे पर्यावरण को बहुत बड़ी हानि पहुंचा सकता है। इसी जलवायु परिवर्तन की वजह से सभी मौसम में बहुत बदलाव हो गया है।

जैसे कि बारिश के मौसम में अचानक आने वाली खराबी, गर्मियों के मौसम में अचानक बढ़ने वाला तापमान जिससे सर्दियों का मौसम बहुत ज्यादा कम होता चला जा रहा है। इसकी वजह से पूरे पर्यावरण में बहुत सारे बदलाव हो गए है। जिससे पर्यावरण को बहुत ज्यादा हानि पहुंच रही है।

जलवायु परिवर्तन के परिणाम

जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा परिणाम है ग्लोबल वार्मिंग। जिससे पूरी दुनिया में गर्मी का तापमान बढ़ता चला जा रहा है। इसलिए हर साल हम लोगों को बारिश और सर्दी का मौसम कम और गर्मी का मौसम सबसे ज्यादा महसूस हो रहा है।

जिसका कारण है जलवायु परिवर्तन। इस जलवायु परिवर्तन की वजह से पूरी पृथ्वी पर पर्यावरण में बहुत बदलाव हो रहे हैं। जैसे कि पृथ्वी का वह हिस्सा जो साल के 12 महीने हमेशा बर्फ से ढका रहता था।

वहां भी धीरे-धीरे बर्फ पिघलने लगे है। वह हिस्सा मतलब अंटार्कटिक समुंदर जो एक समंदर होकर भी उसका कई सारा हिस्सा हमेशा बर्फ से ढका रहता है। लेकिन जलवायु परिवर्तन की वजह से निर्माण हुए ग्लोबल वार्मिंग की वजह से धीरे-धीरे पृथ्वी यह बर्फ का हिस्सा पिघलता चला जा रहा है।

जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम

इसी जलवायु परिवर्तन की वजह से सबसे ज्यादा परिणाम पेड़ पौधों को हो रहा है। पेड़ पौधों की ऐसी कई सारी प्रजाति है जो इस पर्यावरण में खिल रही है। लेकिन जलवायु परिवर्तन की वजह से पेड़ पौधों की कई सारी प्रजाति है जो नष्ट होती चली जा रही है।

दुनिया की कई सारी जगह ऐसी है जहां जलवायु परिवर्तन की वजह से पूरे जंगल नष्ट होने के कगार पर है। क्योंकि इस जलवायु परिवर्तन की वजह से सभी मौसम में बहुत सारे बदलाव हो गए है। बारिश का मौसम जलवायु परिवर्तन की वजह से कम होने के कारण पेड़-पौधों को पानी नहीं मिलता है।

इसलिए बड़े-बड़े जंगल नष्ट होने की कगार पर है और कई सारे पशु-पक्षी इसी परिणाम के कारण विलुप्त होने जा रहे है। जो पशु-पक्षी आगे चलकर शायद ही कभी हमें देखने को मिले। इस तरह जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम की वजह से पूरे पर्यावरण की स्थिति असंतुलित हो रही है।

निष्कर्ष

हमें अपने तेजी से बढ़ रहे औद्योगिकरण की वजह से फैल रहे प्रदूषण को रोकना होगा। उस पर नए-नए उपाय लागू करने होंगे, जिससे जलवायु परिवर्तन फिर से ठीक हो सके।

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