चारमीनार पर निबंध (Essay On Charminar In Hindi)

प्रस्तावना

चारमीनार भारत देश के सबसे सबसे महान स्मारकों में से एक है। यह भारत देश के तेलंगाना राज्य के हैदराबाद शहर में स्थित है।

चारमीनार का निर्माण सन 1591 में क़ुतुब शाही वंश के पांचवें शासक सुल्तान मुहम्मद क़ुली क़ुतुब शाह ने किया था। यह चारमीनार करीब 48.7 मीटर ऊंचा है।

प्रतीक और पर्यटन स्थल

चारमीनार भारत देश की एक लोकप्रिय जगह है, जिसे हैदराबाद शहर के प्रतीक के रूप में माना जाता है।

इसी के साथ यह अपनी आकर्षक रचना से पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लेता है, जिस कारण यह भारत देश के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।

चारमीनार का इतिहास

भारत देश के सबसे महान स्मारकों में से एक रहने वाला चारमीनार 425 साल पुराना एतिहासिक स्थान है। जिसका निर्माण गोलकुंडा के कुतुब शाही वंश के पांचवें सुल्तान कुली कुतुब शाह ने किया था।

ऐसा कहा जाता है की, उस जमाने में प्लेग नाम की महामारी पूरी दुनिया में फैली हुई थी। तब उन्होंने खुदा से यह प्रार्थना की थी, की अगर इस शहर में रहने वाले लोग प्लेग नामक महामारी से मुक्त होंगे, तो मैं चारमीनार नामक वास्तु बनाऊँगा।

चारमीनार की रचना   

चारमीनार एक सुंदर वास्तुकला है, जिसकी हर एक भुजा करीब 20 मीटर लंबी है। इस सुंदर वास्तुकला को फारसी शैली से प्रभावित होकर बनाया गया था, जो इंडो-इस्लामिक शैली को प्रदर्शित करती है।

चारमीनार को चूना पत्थर, ग्रेनाइट और चूर्णित संगमरमर से मिलकर बनाया गया है। इस वास्तुकला को चार कोनों पर चार मीनारें एक विशिष्ट रूप प्रदान करती हैं।

चारमीनार की हर एक मीनार चार मंजिला है। चारमीनार में 56 मीटर लंबी एक बालकनी है और इस वास्तुकला के सबसे ऊपर गुंबद के आकार की संरचना है।

चारमीनार के अंदर 149 सीढ़ियाँ है, जो इसके ऊपरी मंजिल तक जाती हैं। जहा से हमे चारमीनार के आसपास का बाज़ार दिखाई देता है। चारमीनार की छत के एक हिस्से में एक मस्जिद है।

निष्कर्ष

चारमीनार भारत देश के सुंदर और आकर्षक वस्तुलाओं में से एक है। जिसे आज यूनेस्को की विश्व-विरासत में शामिल किया गया है।

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