आंबेडकर जयंती पर निबंध (Essay on ambedkar jayanti in Hindi)

प्रस्तावना

हर वर्ष 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती सम्पूर्ण देश में मनाई जाती है। अंबेडकर जयंती भारत वासी के लिए काफी महत्वपूर्ण रखता है। यह बाबा अम्बेडकर जयंती डॉ भीमराव अंबेडकर के नाम पर उनके जन्मदिन के तौर पर मनाई जाती है।

बाबा भीमराव अंबेडकर को जाना माना और काफी प्रसिद्ध भारतीय राजनीतिज्ञ व अर्थशास्त्री माने जाता है, जो हमारे भारत देश के संविधान को बनाने वाले मुख्य व्यक्ति है।

अम्बेडकर जी के इतने सफल कार्य हैं कि, इनके योगदान को स्मरण करने हेतु और उन्हें भावपूर्वक व सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि देनेहेतु ही उनका जन्मदिन १४ अप्रैल अंबेडकर जयंती के रूप में सर्वसाधारण अवकाश की तरह पूरे देश में मनाया जाता है।

बाबा अम्बेडकर का इतिहास

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने वर्ष 1907 में अपनी मैट्रिक की शिक्षा ग्रहण की और अमेरिका के कोलम्बिया यूनिवर्सिटी से M.A और Ph.d की पढ़ाई की और उसके पश्चात इंग्लैंड में कानून की शिक्षा भी ली। अम्बेडकर जी एक भारतीय विधि संबंधी मसलों के विशेषज्ञ के रूप मे जाने जाते थे और, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ व समाज को बुराई से सुधार ने वाले भी माने जाते थे।

उन्होंने ऐसे अनेक कार्य सम्पन किये, जिसमे उन्होंने दलितों के लिए बहुत कुछ किया था। जिसमे आंबेडकर जी उनके लिए और उनके हक के लिए एक साथ खड़े रहे, जिसके खिलाफ हुए आंदोलन में हिस्सा लिया और इसमें हिस्सा लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

वे अंत तक दलितों के साथ थे और उनके अधिकारों के लिए कार्य किया। वह सारि जी ज़िन्दगी अछूतों व अन्य छोटी जाती के सम्मान को समाज में दिलाने के लिए कार्य करते रहे ।

उन्होंने पढ़ाई के द्वारा निचली वर्ग के लोगों को प्रेरित किया और उन्हें शिक्षा का महत्व भी समझाया। उन्हीने ये महसूस किया की, हम शिक्षा के माध्यम से इस दुनिया की बड़ी से बड़ी लड़ाई भी जीत लेते हैं।

इसके अलावा छोटे वर्गों को ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ाई करने के लिए उनको सिख दी और प्रेरित किया। बाबा अम्बेडकर को पूरा देश भारतीय संविधान के पिता के तौर पर जानता हैं। क्योंकि उन्ही की वजह से भारत को एक संविधान मिला। जिसके तहत एक राष्ट्र सही रूप से सभी के साथ न्याय कर सके।

डॉ. अम्बेडकर सन 6 दिसम्बर 1956 को इस दुनिया को अलविदा कह गए। परंतु उनके हमारे भारत के लिए किए गए काम की वजह से सभी लोग याद रखेंगे।

बाबा अम्बेडकर का बचपन

बाबा अम्बेडकर को बचपन से ही प्रजातिवाद और दुष्ट आचरण से भिरंत करना पड़ा। जिसकी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्होंने काफी कठिन संघर्ष भी किया।

कहने की ज़रूरत नहीं कि, दलितों पर क्रुरता दिखाने के खिलाफ आवाज तक उठाई। इसके अलावा दलितों अथवा नीची जाति की हालात को समझने और उनको बदलने में बहुत बड़ा योगदान भी किया।

बाबा अम्बेडकर का जन्मदिन

उनका जन्मदिन उन लोगों में काफी हर्ष के साथ मनाया जाता हैं, जो लोग उन्ही के जैसे छोटे वर्ग से संबंधित हैं। वे एक महान विद्वान, राष्ट्रवादी और अर्थशास्त्री थे।

अम्बेडकर को एक आवश्यक राजनीतिक नेताओं में जाना जाता है। आज भी विश्व भर में हर वर्ग के लोग उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। उनके जन्मदिन को देश भर में सार्वजनिक छुट्टी के तौर में ऐलान किया गया है।

भारत के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री एक साथ मिलकर उन्हें सम्मान के साथ श्रद्धा युक्त प्रणाम करते हैं और हम भारतीय उनकी पूजा करते हैं।

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