Biography of Bill Gates (Hindi)

बिल गेट्स मतलब वो व्यक्ति है, जिन्होंने माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी की स्थापना की है। माइक्रोसॉफ्ट वही कंपनी है जिसमे विंडोज जैसी ऑपरेटिंग सिस्टम का इन्वेंशन हुआ है। जिसे कंप्यूटर में इनस्टॉल करके कंप्यूटर में काम किया जाता है। ये ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल करनेमे भी बहुत आसान है। ये ऑपरेटिंग सिस्टम खुद बिल गेट्स ने निर्माण किया है।  दोस्तों बिल गेट्स ने कंप्यूटर जगत में क्रांति लायी है। उन्होंने बनायीं हुई ऑपरेटिंग सिस्टम चलाने में बहुत आसान है। इसलिए  इस सिस्टम को पूरी दुनिया के लोग इस्तेमाल करने लगे।

इसके वजेसे दुनिया में होने वाले बहुत सारे काम आसान हो गए। जैसे की पहले के समय में टाइपराइटर से होने वाले सरकारी काम हो या डाकघर से पत्र भेजना हो। ये सब काम होने में बहुत समय लगता था। अब वही टाइपराइटर के जगह कंप्यूटर ने ली और डाकघर की जगह ईमेल, जीमेल आ गए। जिससे एक जगह से एक ही वक़्त पे एक से ज्यादा लोगोंको वो सन्देश भेज सकते है। जो आप पहले के समय में पत्रोंकी के जरिए बेजा करते थे। ये सब संभव हुआ बिल गेट्स की ऑपरेटिंग सिस्टम के वजह से।

बिल गेट्स का परिचय:

बिल गेट्स का पूरा नाम विलियम हेनरी गेट्स है। उनका जन्म 28 अक्टूबर 1955 में अमेरिका के राज्य वॉशिंगटन में स्थित सीऐटल शहर में हुआ था। बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के सह संस्थापक है। इनका जन्म एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता एक वकील और उनकी माँ एक बैंक में व्यवस्थापक मंडल की सदस्य थीं।

स्कूलवाले दिन :

बिल गेट्स मध्यम वर्गीय परिवार से थे। उन्होंने स्कूल के दिनों में 1973 में SAT Exam (Intellectual Achivement) में 1600 में से 1590 अंक प्राप्त किये थे जिससे उनके बुध्दिमत्ता का पता चल गया। बिल गेट्स जब 13 साल के थे  तबसे उन्हें कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में रची लगने लगी थी। बिल गेट्स जब 11 -12  साल के थे तब उनके माता पिता ने उन्हें  सिएटल लेकसाइड स्कूल में भर्ती करवाया।

उस स्कूल में विद्यार्थियों को उनके खाली समय के लिए  कंप्यूटर दिए जाते थे। जिसे वो सीखे और समज सके। तब बिल गेट्स की कंप्यूटर में रूचि और बढ़ने लगी। जिससे वो अपना ज्यादा से ज्यादा समय  कंप्यूटर प्रोग्रामिंग समझने में बिताने लगे थे। बादमे उसी प्रोग्रामिंग भाषामे उन्होंने  एक “Tic-Tac-Tow” नाम का गेम बनाया था। उस गेम से कंप्यूटर चलाने वाला व्यक्ति कंप्यूटर के विरुद्ध खेल सके।

इसी स्कूल में बिल गेट्स को पॉल एलन से मुलाकात हुई। पॉल एलन बिल गेट्स से   2 साल बड़े थे। लेकिन उन दोनोकी कंप्यूटर के प्रति एक जैसी रूचि होने के कारन दोनों में अच्छी दोस्ती हुई। ये वही पॉल एलन थे जो आगे जाके सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के पार्टनर थे। जिन्होने इस कंपनी को स्थापित करने में बिल गेट्स को मदत की थी। ये दोनों स्कूल के दिनों में  जब खाली समय में  कंप्यूटर चलने का मौका मिलता तो ये दोनों कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ किया करते थे।  जिसके चलते इन दोनों को बादमे कंप्यूटर लैब में आने से रोक लगा दी गयी थी। बादमे उन्हें लैब में लेते थे लेकिन उन्हें कंप्यूटर के प्रोग्राम से एरोर हटाने की शर्त पर  ही। इसके बाद जब बिल गेट्स प्रोग्रामिंग में माहिर होने लगे तब उन्होंने एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया जिससे स्कूल के “Time Schedule” में काम आता था.

बिज़नेस की शुरुवात:

जब वो 15 साल के थे तब उन्होंने और उनके दोस्त पॉल एलन ने मिलकर बिजिनेस की सुरुवात की थी। उन्होंने “Traf-O-Data” प्रोग्राम बनाया जों की गाडियोंके ट्रैफिक पर नज़र रखता था। उसे बेहतर करने की कोशिश करता था। इसलिए इन दोनों को इस प्रोग्राम के बदले USD $ 20,000 मिले, जो इन दोनों की पहली कमाई थी।

उसके बाद बिल गेट्स और पॉल एलन ने मिलकर २६ नवंबर 1976  में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी स्थापना की थी। जो देखते ही देखते पूरी दुनिया में मशहूर हो गयी। आज उसी कंपनी के वजह से बिल गेट्स ने आज इतनी संपत्ति कमाई है की उसके वजह से बिल गेट्स हमेशा आमिर लोगोंकी यादि में  टॉप 5 में आते है। उनकी ये संपत्ति इतनी ज्यादा है की उस संपत्ति से वो खुदका एक अलग देश बना सकते है। जो दुनिया में 37 वा सबसे आमिर देश होगा।

उन्होंने स्कूल के दिनों में एक बार अपने  टीचर से कहा था की “मै 30 साल की उम्र में एक करोड़पति बनके दिखाऊंगा। “ उसके बाद वो 31 साल के उम्र में ही  वो करोड़पति नहीं बल्कि अरबपति बन गए थे।

बिल गेट्स का कहना है की ,अगर तुम गरीब घर में जन्मे ये तुम्हारी गलती नहीं है, लेकिन गरीब रहकर ही मर जाते हो तो ये तुम्हारी गलती है।

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