भारत में आतंकवाद पर निबंध (Essay on Terrorism in India in Hindi) – bharat me aatankwad par nibandh

प्रस्तावना

आतंकवादी समूहों का मुख्य लक्ष्य लोगों के मध्य रहकर उन्हें आतंक से डराना है और वे लोगों को लगातार डर में देखना पसंद करते हैं और इस लक्ष्य की पूर्ण प्राप्ति हेतु, वे समय-समय पर कई छोटी आतंकवादी गतिविधियों को पूर्ण करने का प्रयत्न करते हैं।

आतंकवादी समुदाय का काफी डरावना चेहरा होता है, जिनसे प्रत्येक व्यक्ति भय खाता है। आज के दौर में भारतीय सीमाओं पर मजबूत सुरक्षा में काफी बदलाव हुई है।

इसी कारण किसी भी देश से जुड़े कोई भिन्न तरह की गतिविधियां नहीं हैं। आतंकवाद की वजह से, जीवन व मूल्यवान वस्तुओं पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है।

देश की सुरक्षा

राज्य सुरक्षा की शक्ति, कमांडरों ने आतंकवाद के कार्य में रुकावट बनने के लिए कई प्रयास किये। हमारे देश में कुछ भयानक आतंकवादियो के हमले के नतीजे में से ही एक मुंबई आतंकवादी हमला शामिल है।

जिसने अपने पूरे मुंबई को झकझोर कर रख दिया। सब कुछ तबाह कर दिया और कई जानें ली। ताजमहल होटल से शिवाजी छत्रपति टर्मिनल तक, गूंज सुनाई पड़ती थी।

इस आतंकवादी हमले से कई लोगों और कई परिवारों की जानें चली गई और नष्ट हो गई। उस मंज़र को याद करते हुए अभी भी पूरे देश का दिल सिहरता है।

कोई भी आतंकवादी हमला देश के लिए खतरनाक सिद्ध होता है, जो देश के नागरिक पर एक बुरा प्रभाव छोड़ता है। सबसे प्रथम, इस तरह के आतंकवादी गतिविधयों में हिस्सा लेने वाले निवासियों के बीच उनका हिस्सा बनकर आतंकवादी स्थितियों का निर्माण किया।

बम विस्फोट या शूटिंग लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डालती है। यह कई नागरिकों से अनुचित मौत की वजह बनता है या उन्हें किसी भी लायक नहीं छोड़ता।

भारत में आतंकवाद के कारक धर्म

देश का हर हिस्सा कई धर्मों से मिलकर बना है। प्रत्येक तरह के धर्मों के लोग देश में शांतिपूर्वक और इंसानियत से जीते आ रहे हैं, जबकि ऐसे कई धार्मिक चरमपंथी भी हैं जो उनके बीच एक भेद बनकर रहने का लक्ष्य बनाते हैं।

ये समूह अपनी धार्मिक शिक्षाओं की ओर सोचने का दावा करते हैं और यह साबित करने का निरंतर प्रयास भी करते हैं कि उनका धर्म दूसरों से काफी भिन्न और अच्छा है।

राष्ट्रवादी

जब देश का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग अलग-अलग देश को अलग करने और निर्माण करने की अपनी इच्छा को प्रकट करता है, तो वे आतंकवाद की गतिविधि में वृद्धि लाते हैं।

पंजाब राज्य का खालिस्तान आंदोलन इस तरह के आतंकवाद का एक जीता जागता उदाहरण है। इस तरह के आतंकवाद के कारण, कश्मीर जैसे खूबसूरत भारतीय राज्य भी खतरे में है।

राजनीतिक हालात

जो खुश नहीं वे लोग सरकार व राज्य राजनीतिक प्रणालियों से सहायता लेकर एक आतंकवादी का पूरा समूह बनाते हैं। हमारे देश में आतंकवादियों को नक्सलवाद के नाम से भी जानते हैं।

बीते वर्ष में, राजनीतिक व्यवस्था के साथ नक्सलवाद भी कई आतंकवादी हमलों से आघात में था। उनके पास एक सशस्त्र विद्रोह के साथ सरकार को पूर्ण रूप से मिटाने का लक्ष्य है, इसी कारण वह आत्म-शक्ति की तरफ ध्यान केंद्रित करता है।

आतंकवाद की वजह से, देश के कई पर्यटन जगहों पर एक बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। यात्री आतंकवादी हमलों की पकड़ में आने वाले स्थानों पर जाने से अधिक डरते हैं, इसी कारण पर्यटन उद्योगों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

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