“बेटी बचाओ देश बचाओ”पर हिंदी निबंध (Beti Bachao Desh Bachao Essay in Hindi)

प्रस्तावना

एक बहुत प्रसिद्ध कहावत है कि, बेटियां भी उसी के घर जन्म लेती है जहां खुदा की मर्ज़ी होती है। “बेटी बचाओ देश बचाओ अभियान” सिर्फ योजना अथवा अभियान में शामिल नहीं है।

यह व्यक्ति के नज़रिए से सम्बंधित एक बहुत ही महत्वपूर्ण सामाजिक विषय है। भारत सरकार की लायी गयी यह एक खूबसूरत कोशिश है |

योजना का उद्देश्य

इस योजना पर प्रकाश डालने का अहम उद्देश्य देश के समाज में औरतों और बालिकाओं के लिए जागरुकता फैलाना है और कल्याण के क्षेत्र में सुधार देखना है। इस योजना को सबके सामने लाने के लिए जो पूंजी एकत्रित की गई थी, वह 100 करोड़ थी।

भारत आज अपनी संस्कृति और अच्छे विचारों की वजह से पुरे दुनिया में प्रसिद्ध है। हमारा देश में जितनी शांति है, उतनी कहीं नहीं है।

औरतों को भी अधिकार

इसी साफ ख्यालात और सांस्कृतिक वातावरण को बनाये रखने के पश्चात भी देश में लड़कियों के साथ हो रहे ग़लत औऱ अन्याय कम नहीं हो रहे हैं। आज भी देश में बेटी के पैदा होते ही उसे मार दिया जाता है।

कन्या भ्रूण हत्या की वजह से भारत में बहुत ही शिघ्रता से लड़कियों का अनुपात कम हो रहा है। इन सबकी वजह से कई सामाजिक समस्याएँ समाज में देखने को मिल रही है।

आज देश में लड़कियों को पढ़ाई करने के लिए और उन्हें सुरक्षित देखने के लिए देश के आज के सरकार नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के द्वारा लड़कियों के लिए एक योजना को लाये।

लोगों के सोच में परिवर्तन

इसमें कोई संदेह नहीं है कि, भारत देश अपनी पुरानी संस्कृति के अलावा आज औरतों के सम्मान और अधिकार के लिए जाना जाता है। पर इन सबके बावजूद भी बदलते समय के मुतबिक हमारे देश के लोगों के पुराने ख्यालात में भी परिवर्तन आ गया है।

इन सबकी वजह से अब बेटियों और औरतों को भी इज्जत दी जाती है। 21वी सदी के इस भारत में जहाँ एक ओर चाँद पर जाने की बात हो रही होती है।

वही दूसरी ओर बेटियां अपने घर से बाहर निकलने पर सुरक्षित महसूस नहीं करती। देश में निरन्तर हो रही कन्या शिशु दर को बनाये रखने के लिए इस योजना को लाया गया।

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निष्कर्ष

एक देश के व्यक्ति के संसाधन के तौर पर औरतें और पुरुष दोनों को ही एक नज़रिये से देखना चाहिए औऱ बराबर का अधिकार देना चाहिए। एक स्त्री औऱ पुरुष दोनो का एक जैसा महत्व है। लेकिन हमारा देश पुरुष प्रधान देश में परिवर्तित हो गया है, जहां सभी लोगों को सिर्फ लड़कों की चाह है।

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