साइबर सुरक्षा पर निबंध हिंदी में (Essay on cyber security in hindi)

साइबर सुरक्षा का मतलब है डेटा सुरक्षा। अपना वही डेटा जो एक कंप्युटर में ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन माध्यम से कंप्युटर में सुरक्षित रखा हुआ होता है। जो किसी हैकर की माध्यम से चुरा लिया जाता है।

इसके लिए आज के युग में पैसों की सुरक्षा से ज्यादा साइबर सुरक्षा जरूरी हो गई है। क्योंकि आज पैसों से ज्यादा अपना डेटा सभी के लिए जरूरी है। इसका कारण ये है की इस डेटा में अपने बारेमें पूरी जानकारी रहती है।

इस दुनिया में जहा कंप्युटर का इस्तेमाल ज्यादा होता है, वहा साइबर सुरक्षा एक चिंता का विषय बन गई है। क्योंकि साइबर सुरक्षा की जरूरत सबसे ज्यादा बाँकों में होती है। जहा इस दुनिया में कई सारे लोगों का बैक अकाउंट हैक कर लिया जाता है। जो साइबर सुरक्षा के मामले में एक चिंताजनक विषय है।

प्रौद्योगिकी का तेजी से विकास

आज पूरी दुनिया में प्रौद्योगिकी का बहुत तेजी से विकास हो रहा है। इसलिए आज के समय में सभी लोग इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत ज्यादा मात्रा में करते है। लेकिन इंटरनेट की साइबर सुरक्षा इतनी मजबूत ना होने के कारण साइबर सुरक्षा एक चिंता का विषय बन गया है।

क्योंकि सभी लोग अपना ज़्यादतर काम ऑनलाइन के माध्यम से करते है। इसलिए सभी लोगों की जानकारी इंटरनेट के माध्यम से सुरक्षित रखी हुई होती है। लेकिन फिर भी लोगों की यह जानकारी हैकिंग के जरिए चुरा ली जाती है। जो सभी के लिए एक चिंताजनक विषय है।

साइबर अपराध

किसी व्यक्ति या संगठित समूह द्वारा अपराध करने के लिए साइबरस्पेस कंप्यूटर, इंटरनेट, सेलफोन, अन्य तकनीकी उपकरणों आदि का उपयोग करना साइबर अपराध कहलाता है।

साइबर हमलावर साइबर क्राइम करने के लिए साइबरस्पेस में कई सॉफ्टवेयर और कोड का उपयोग करते हैं। वे मैलवेयर के उपयोग के माध्यम से सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर डिजाइन की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं।

हैकिंग, संरक्षित कंप्यूटर सिस्टम की सुरक्षा को भेदने और उनके कामकाज में हस्तक्षेप करने का एक सामान्य तरीका है। जिसमे पहचान की चोरी भी आम है।

साइबर हमलों के तरीके  

लोग अपना डेटा मतलब अपनी जानकारी इंटरनेट की माध्यम से सुरक्षित रखते है। लेकिन लोगों का डेटा चुराने के लिए हेकर्स कई तरीकों का उपयोग करते है। जिससे वो डेटा चुरा सके।

इसके कई सारे तरीके है, जैसे की स्पायवेयर, रैनसमवेयर, मैलवेयर, धोखाधड़ी, वायरस, फ़िशिंग और ऐसे ही बहुत सारे तरीके है, जिनकी मदत से लोगों की इंटरनेट के जरिए सुरक्षित रखी हुई जानकारी चुरा ली जाती है।

कई सारी ऐसी वेबसाइटें होती है, जहा बहुत सारे ऐसे हानिकारक सॉफ्टवेयर बनाए हुए होते है, जिनपर जाने अनजाने में हुए क्लिक की वजह से वो हानिकारक सॉफ्टवेयर आपके कंप्युटर या मोबाईल में डाउनलोड हो जाता है। जिनकी मदत से हैकर्स को अवैध पहुँच प्राप्त करने की अनुमति मिलती है।

भारत देश की साइबर सुरक्षा

अपने भारत देश की बात की जाए तो, अपने भारत देश में पूरी दुनिया की तुलना में 54% मैलवेयर और रैनसमवेयर की ओर लोग आकर्षित होते है।

इसकी तुलना में पूरी दुनिया में 47% मैलवेयर लोगों को आकर्षित करता है। याहू जैसे सर्च नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ भारत देश में साल 2013 में  3 बिलियन खाते हैक कर लिए गए थे।  

हमारे भारत देश के सरकार ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति 2013 के माध्यम से अपने देश की साइबर सुरक्षा में सुधार के लिए कुछ बड़े कदम उठाए है। जिसमे साल 2017 मे साइबर स्वेच्छा केंद्र शुरू किया और कई सारे साइबर अपराध पुलिस स्टेशन की शुरुवात की।

निष्कर्ष 

हमें अपना डेटा सुरक्षित रखने के लिए सिर्फ सरकार पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। बल्कि हमे खुदकों इसके बारेमें सतर्क रहना होगा। अपने कंप्युटर में नेटवर्क सुरक्षा सेटिंग को अपडेट रखना चाहिए। अपने कंप्युटर में एक अच्छे और उचित एंटी वाइरस का उपयोग करे। जिससे आपका कंप्युटर सभी प्रकार के वाइरस से और मैलवेयर से मुक्त रहेगा। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: