मोर पर निबंध हिंदी मे (Essay on peacock in hindi)

प्रस्तावना

मोर एक ऐसा पक्षी है जो बाकी सारे पक्षीयो मे सबसे खूबसूरत दिखने वाला पक्षी है। जिसके खुबसुरती के आगे कोई ओर पक्षी नही टिक सकता।

मोर अपने भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी है। मोर की खुबसुरती इतनी आकर्षित होती है की कोई उसे देखता है तो देखता ही रह जाता है।

मोर को मयूर के नाम से भी जाना जाता है। मोर बाकी पक्षीयों के आकार के तुलना मे बहुत बडा होता है।

मोर की पहचान

इस दुनिया मे हर चीज की या किसी जीव की कुछ ना कुछ पहचान होती है। उसि पहचान की वजह से वो चीज या वो जीव पुरी दुनिया मे पहचाना जाता है।

वैसे ही मोर की भी पहचान होती उसकी आकर्षक सुंदरता। उसकी सुंदरता के मामले मे दुनिया का कोई भी जीव बराबरी नही कर सकता।

मोर को अपने भारत देश मे राष्ट्रीय पक्षी के रूप मे भी जाना जाता है। मोर को राष्ट्रीय पक्षी के रूप मे भारत देश मे 26 जनवरी 1963 को पहचान मिली थी।

मोर का स्वरूप

मोर सुंदर रूप से आकर्षित होने के साथ-साथ बहुत शांत और शर्मिला होता है। इसलिए वो सबसे अलग और अकेला रहना ही पसंत करता है। मोर हमेशा सतर्क रहने वाला पक्षी है।

उसकी सूनने की शक्ति इतनी तेज होती है की कितनी भी दूर से थोडीसी भी आवाज आती है तो वो सतर्क हो जाता है।मोर को हमेशा पहले बारिश का मौसम अच्छा लकता है। इसलिए वो साल की पहली बरिश आते ही नाचने लगता है।

मोर की सुंदरता

इस पक्षी की सुंदरता और आकर्षकता दुनिया मे सभी पक्षीयोमे सबसे ज्यादा होती है। इसलिए जब भी जंगल मे किसी को भी मोर दीखाई देता है तो उसका ध्यान मोर के सुंदरता की तरफ खिचा चला जाता है।

वो एक नर होता है। इसलिए उसको मोर कहते है और जो मादा होती है उसको मोरनी कहते है। मोरनी दीखने मे इतनी सुंदर नही होती है। लेकिन आवाज के मामले मे दोनो का आवाज एक जैसा ही होता है।

मोर के पंख दीखने मे बहुत ज्यादा आकर्षित होते है। इसी मोरपंख का उपयोग भगवान कृष्ण ने अपने मुकुट मे लगाने के लीये कीया था।

मोर की प्रजातियां

अपने भारत देश मे मोर हर जगह पाये जाते है। उनमे ज्यादातर हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यो मे बहुत ज्यादा पाया जाता है।

भारत के बाहर बहुत सारे देशो मे मोर पाये जाते है। उनमे भी बहुत सारी प्रजातियां होती है। उनके अलग-अलग रूप होते है।

इतनी सारी प्रजातियां होने के बाद भी भारत मे मिलने वाले मोर की प्रजाती सबसे ज्यादा आकर्षित होती है।

मोर की सुरक्षा

मोर सुंदर पक्षी होने के साथ – साथ बहुत ही नाजुक पक्षी है। इसको जब भी कोई देखता है तो देखते ही रहने का मन करता है। इसके जो पंख होते है वो इतने सुंदर होते है की अगर किसीको वो जंगल मे गिरे हुए मिलते है तो उसको वो अपने घर मे सजावट के लीये लगाके रखता है।

इसी मोरपंख का उपयोग करके कुछ दवाइया भी बनाते है। इसलिए इस मोरपंख के लीये मोर का शिकार कीया जाता है। इसलिए भारत मे मोर की संख्या हर दिन कम होती जा रही थी।

इसी वजह से भारत सरकार ने अधिनियम 1972 के तहत मोर का शिकार करना गैरकानूनी कर दिया। इसके बाद मोर के शिकार करने के संख्या भी कम हो गई।

निष्कर्ष 

जानवरों की शिकार नही बल्की उनकी रक्षा करनी चाहिये, क्योंकि उनको भी इस दुनिया मे जीने का हक है।

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