बचपन पर निबंध (Essay on Childhood in Hindi)

हम सभी के लिए हमारा बचपन का जीवन एक यादगार समय होता है। जो हमारे लिए हमारे जीवन का सबसे प्यारा समय होता है। जिसे हम सभी लोग पसंद करते है।

ये वही समय है जो हमारे आने वाले जीवन को एक बेहतर जीवन का आकर देता है। यही समय होता है, जब अपने माता पिता हमारी बहुत देखभाल करते है।

इसी उम्र में हम सभी को बहुत कुछ सिखने को मिलता है। जिसकी वजह से हम लोग बड़े होकर एक सफल व्यक्ति बनते है। इसलिए बचपन हम सभी के जीवन का सबसे सुनहरा दौर है। जो हम सभी को पुरे जीवन भर याद रहता है।

अपनी बचपन की यादें

अपना बचपन अपने जीवन में सबसे ज्यादा याद रहने वाली चीज़ होती है। जो हमेशा जीवन में आने वाले मुश्किल दौर में अपने चेहरे पर मुस्कान लाती हैं।

इस दुनिया जितने भी महान और सफल व्यक्ति है, उन्हें अपने बचपन का वास्तविक मूल्य और महत्व पता होता है। जो एक बच्चा अपनी छोटी उम्र में इस चीज़ को नहीं समज सकता है।

खुशी का एहसास

आप लोगों को यह पता है की, हमारे जीवन में हमें ख़ुशी का एहसास कब होता है? जब हमें अपने जिंदगी में अपनी सफलता हासिल करते वक्त कई सारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है, तब हमारा मन कई सारे नकारात्मक विचारों से गिर जाता है।

उस वक्त अगर हम लोग अपने बचपन को याद करते है, तब हमारे चेहरे पर एक मुस्कान आती है और हम लोग मुश्किलों से लड़ने के लिए फिरसे एक बार पुरे आत्मविश्वास के साथ तैयार हो जाते है। तब हमें अपने ख़ुशी का एहसास सबसे ज्यादा होता है।

क्योंकि अपने बचपन में हम लोग सभी प्रकार की चिंताओं और तनाओं से मुक्त रहते है। इसलिए जब कोई व्यक्ति अपने बचपन की यादों को इकट्ठा करता है तो वो यादे उस व्यक्ति को खुशी का एहसास देते हैं।

बचपन से लगाव

इस दुनिया में सभी को अपने बचपन से लगाव होता है। जो ज़िंदगी भर हमें याद रहता है। इसमें सभी लोगों के बचपन की यादे भिन्न-भिन्न होती है। किसी के बचपन में हमेशा अच्छा हुआ है, इसलिए उसे हमेशा अपने बचपन की अच्छी यादे हमेशा याद रहती है और जिसका बचपन हमेशा बहुत सारी मुसीबतों से और कठिनाइयों से होकर गुजरा है।

जिसकी वजह से उसे हमेशा अपने बचपन की बुरी यादे याद रहती है। लेकिन अच्छी यादे हमेशा व्यक्ति को खुश रहने में मदत करती है और बुरी यादे हमेशा व्यक्ति को मुसीबतों से लड़ने के लिए प्रेरित करती है।

जो आगे चलकर एक महान इंसान बन जाता है। जैसे की, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम। इसलिए हम जैसे जैसे बड़े होते हैं हम अपने बचपन के प्रति अधिक लगाव महसूस करते हैं। क्योंकि ये बचपन ही हमारे आने वाले भविष्य को आकार देता है।

अपने बचपन का महत्व

जब हम एक बच्चे होते है, तब हमें अपने बचपन का कोई महत्व नहीं समज आता। लेकिन जब हम लोग बड़े होते जाते है, तब हमें अपने बचपन का महत्व समज आता है।

इसलिए अगर आप किसी वयस्क व्यक्ति को उनके बचपन के बारे में पूछते है, तो वो आपको बचपन का महत्व बहुत अच्छी तरह से समझा सकता है। क्योंकि बचपन ही अपनी सफलता का एक महत्वपूर्ण चरण है। जिसे हमें कभी नहीं भूलना चाहिए।

निष्कर्ष

बचपन हमारे जीवन के वो पल है, जो हमारे भविष्य को एक आकर देते है। हमारा बचपन एक मिट्टी के बर्तन की तरह होता है, जिसे अपने माता-पिता के संस्कारों से और इस समाज में हो रहे बदलाओं से एक विशिष्ट आकार मिल जाता है।

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