करियर पर निबंध (Essay on Career in Hindi)

हर बड़े कंपनियों में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है, “आपके कैरियर का लक्ष्य क्या हैं?” इसलिए जो लोग बड़े कंपनियों में नौकरी की तलाश करने आते है। वो ऐसे ही कई सारे सवालों के घेरे में आते है।

जैसे कि आपके अल्पकालिक लक्ष्य क्या हैं? या आपके दीर्घकालिक लक्ष्य क्या होंगे? इसलिए जब किसी से कैरियर के लक्ष्यों के बारे में पूछा जाता है।

तब काम पर रखने वाले प्रबंधक की तुलना में मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि, जिस व्यक्ति पर कंपनी के लक्ष्य की जिम्मेदारी दी जाएगी, वो व्यक्ति ये जिम्मेदारी संभाल सकता है क्या? उसपर उस व्यक्ति का करियर निर्भर रहता है।

कैरियर का दृष्टिकोण

इस दुनिया में ऐसे कई सारे लोग हैं, जो अपने जीवन के शुरुआती दौर में अपने करियर के लिए एक अलग दृष्टिकोण रखते हैं। कोई भी बड़ी कंपनी आपको नौकरी पर रखने से पहले जब इंटरव्यू में कई सारे प्रश्न पूछती है, तब उन प्रश्नों के उत्तर जब आप देते है, उस समय कंपनी को आपके कैरियर के दृष्टिकोण की जानकारी मिलती है।

कंपनी इस दृष्टिकोण से ये जानने में सफल रहती है, की जिस व्यक्ति को वो नौकरी दे रहे है, क्या वो व्यक्ति जिम्मेदारी संभालने में सक्षम है या नहीं? इसलिए हमेशा हमे अपने कैरियर को सफल बनाने के लिए सबसे पहले उसके महत्व को समझने की आवश्यकता है।

कैरियर का लक्ष्य मतलब क्या है?

कैरियर का लक्ष्य मतलब एक निश्चित समय सीमा के लिए शिक्षाविदों के साथ-साथ पेशेवर में लक्ष्य स्थापित करना होता है। जैसे की, एक 18 वर्षीय लड़के की सिर्फ 12 वीं कक्षा की परीक्षा है।

जिसके बाद उस लड़के ने 4 साल के बीटेक कार्यक्रम में प्रवेश करने का फैसला किया। जिसको इस डिग्री के बाद 2 साल के लिए एक बड़े एमएनसी के लिए काम करना होगा। जहा उसको बहुत सारा कार्य अनुभव मिलेगा।

जिसकी मदत से वो एक प्रतिष्ठित बी-स्कूल से एक प्रबंधन पाठ्यक्रम में आने की कोशिश करेगा। जिसके बाद वो लड़का किसी भी बड़ी या छोटी कंपनी का सीईओ बनने का लक्ष्य रखता है। इस उदाहरण को कोई भी 18 वर्षीय छात्र अपने कैरियर के लक्ष्य के उदाहरण के रूप में देख सकता है।

कैरियर लक्ष्य का महत्व

एक कैरियर लक्ष्य एक लक्ष्य है और यह लक्ष्य किसी व्यक्ति को इसे प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। यदि किसी छात्र के लिए कैरियर का लक्ष्य पहले से ही निर्धारित है, तो वह अपने जीवन में एक उचित दिशा पा सकता है।

इसलिए हर व्यक्ति अपने कार्य को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करेगा, तब वो अपने लक्ष्य तक पहुंच जाएगा। जबकि लंबी अवधि के कैरियर के लक्ष्यों को हासिल करना इतना आसान नहीं होता है।

इस मामले में उस लंबी अवधि के कैरियर के लक्ष्यों को छोटे लक्ष्यों में तोड़ना बेहतर होता है। जीवन में लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किसी के पास जब लगातार अवसर हो सकते हैं। तब वो व्यक्ति अपने अन्य लक्ष्यों को लेने के लिए प्रेरित महसूस करता हैं।

लक्ष्य को निर्धारित करना

जब छात्र अपना लक्ष्य निर्धारित करते है, तब उनके पास बहुत स्पष्ट दृष्टि होती है। जिससे वो अपने लक्ष्य को लेकर बहुत ज्यादा बेहतर बनाने के बारेमें सोचते हैं। वे अपने दैनिक जीवन के लिए पूरे दिन में जो कुछ भी करते हैं, वे इसे अपने मुख्य लक्ष्यों के साथ संबंधित करते है।

जिससे वो हमेशा अपनी प्रगति की निगरानी करते है। आगे चलकर उन्हें उनके लक्ष्य को पाने के लिए विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और यही उनके जीवन को दिलचस्प बनाता है।

इसलिए कोई भी व्यक्ति अगर अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित नहीं करता है, तब वो व्यक्ति समय बीतने के साथ-साथ पीछे रह जाता है। जिस कारण उसका विकास कभी नहीं होता है। इसलिए हमे अपने जीवन में सफल होने के लिए कोई भी एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है।

निष्कर्ष

हमे अपने जीवन में सफलता हासिल करने के लिए एक बड़े लक्ष्य को निर्धारित करना जरूरी होता है। जिसमे हम अपना पूरा जीवन खुशी से बीता सकते है। इसलिए कोई भी व्यक्ति जब एक ही कंपनी के लिए 5-6 साल तक काम करता है, तब उसे पता चलता है की, वो कुछ अलग नहीं कर रहे हैं। जिससे वो एक नीरस जीवन जीता है। इसलिए हमे अपने करिअर को अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बनाना होगा और उस करिअर में अपनी खुदकी एक अलग पहचान बनानी होगी। जिससे हम नीरस जीवन ना जीकर एक खुशहाल ज़िंदगी जी सकते है। जहा हम अपने समय का उपयोग अपने लिए और अपने परिवार के लिए कर सकते है।

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