एक अच्छे दोस्त पर निबंध (Essay on a Good Friend in Hindi)

हमारे माता-पिता और भाई-बहन का रिश्ता जन्म से ही हमारे साथ जुड़ा हुआ होता है। लेकिन एक अच्छे दोस्त का रिश्ता जन्म से जुड़ा हुआ नहीं होता है, बल्कि वो रिश्ता हमें अपने जीवन में कमाना पड़ता है।

हमें किसी भी व्यक्ति में एक अच्छा दोस्त ढूंढ़ने के लिए उसने प्यार, देखभाल, सहायक, ईमानदार, वफादार जैसे गुण और एक अच्छी संगत खोजनी चाहिए।

क्योंकि अगर हम लोग अपने बचपन के छोटीशी उम्र से ही अच्छे दोस्तों की संगति में रहेंगे, तो हि हम अपने जिंदगी में कुछ अच्छा सिख पाएंगे और आगे चलकर कुछ बड़ा कर पाएंगे।

एक दोस्त का अर्थ

आज के इस दुनिया में किसी को भी एक अच्छा दोस्त मिलना बहुत मुश्किल है। क्योंकि आज के समय में हर कोई व्यक्ति हमेशा अपने फायदे के पीछे ही दौड़ना चाहता है, लेकिन किसी दूसरे की मदत कभी नहीं करता है। एक सच्चा और अच्छा दोस्त वही होता है, जो हमें किसी भी कठिन समय में मदत करने के लिए दौड़ा चला आये।

क्योंकि एक अच्छा दोस्त वो व्यक्ति होता है, जो अपने व्यक्तिगत संबंध की भावनाओं से जुड़ा हुआ होता है। एक अच्छा दोस्त हमेशा अपने सच्चे दोस्त के कौशल की सराहना करता है और सही विकल्प ढूंढ़ने में मदद करता है। इस तरह एक अच्छा दोस्त हमेशा हमें किसी भी परेशानी से बहार निकलने में मदत करता है।

अच्छे मित्र का महत्व

हमारा बचपन का दोस्त हमेशा हमारी हर परेशानी को समझता है और उस परेशानी से हमें बाहर निकलने के लिए कोई ना कोई विकल्प ढूँढकर हमे उस मुसीबत से बाहर निकालता है।

छोटे बच्चे दोस्ती को जल्दी विकसित करते हैं। जिसमे वो हमेशा एकसाथ खेलते और सीखते है। क्योंकि छोटे बच्चों के सही विकास के लिए अच्छे मित्रों की आवश्यकता होती है।

एक अच्छे दोस्त के गुण

एक अच्छा दोस्त हमेशा हमारी सभी दिल में छुपी भावनाओं को समजता है। हमेशा हमारा खयाल रखता है। उसके मन में हमेशा हमारे लिए एक सच्चे और अच्छे दोस्त का प्यार होता है।

इसलिए जो व्यक्ति हमारा एक सच्चा दोस्त होता है, वो व्यक्ति हमसे हमेशा वफादार, भावुक और थोड़ासा आलोचक होता हैं। एक दोस्त के यही सभी गुण उसको एक सच्चा और अच्छा दोस्त बनाते है।

मित्रता एक ऐसा संबंध है, जिसमे सच्चे दोस्त हमेशा हर मुसीबत में एक-दूसरे की सहायता करते है। इसलिए आज के समय में एक सच्चे दोस्त का मिलना, हमेशा एक असली मोती खोजने जैसा होता है।

मित्रता पर मर्यादा

मित्रता पर कोई भी मर्यादा या बंधन नहीं रहता है। बल्कि मित्रता का संबंध स्वतंत्र होता है। जहा किसी भी प्रकार की उच–नीच नहीं देखि जाती है। इसलिए एक बहुत बड़ा राजा एक भिखारी व्यक्ति का और एक गरीब मजदूर एक अमीर उद्योगपति का सच्चा दोस्त हो सकता है।

जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है, भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता। जिसमे सुदामा एक साधारण मानव होने के बावजूद भी इतने बड़े भगवान का एक सच्चा दोस्त बन गया।

उनकी दोस्ती उस स्तर पर थी जहाँ अगर कोई दूसरे को चोट पहुँचाता है तो दर्द महसूस करता है। इसलिए इनकी मित्रता हम सभी के लिए एक प्रेरणास्त्रोत है। क्योंकि इससे यह साफ जाहीर होता है की, मित्रता पर सचमे कोई भी मर्यादा नहीं रहती है।

सच्चे दोस्त की योग्यता

एक सच्चे दोस्त के अंदर कई सारी ऐसी योग्यताएं होती है, जो उसे किसी के जीवन में एक विशेष व्यक्ति बनाती है। जिसमे एक सच्चा दोस्त अपने जीवन का एक अच्छा श्रोता हो सकता है।

वो हमेशा अपने दोस्त के साथ दयावान रहता है। एक सच्चा दोस्त हमेशा एक-दूसरे के प्रति वफादार रहता है। एक सच्चा दोस्त हमेशा अपने दोस्त के लिए एक भरोसेमंद व्यक्ति रहता है।

एक अच्छा दोस्त हमेशा अपने दोस्त के समर्थन के लिए उपलब्ध होता है। इस तरह एक सच्चे दोस्त के अंदर रहने वाली इन सभी योग्यताओं की वजह से आप किसी भी चीज़ के लिए उसपर भरोसा कर सकते हैं।

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निष्कर्ष

हम मनुष्य का जीवन बहुत सारे उतार-चढ़ाव से भरा हुआ होता है। ऐसे जीवन के हर एक चरण पर  हर किसी को एक ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता होती है जो बिना किसी अपेक्षा के आपका समर्थन कर सके। उन खास लोगों को एक अच्छा और सच्चा दोस्त कहा जाता है। दोस्ती किसी भी लिंग या किसी भी पृष्ठभूमि के किसी भी उम्र के दो लोगों के बीच हो सकती है। सच्चे मित्र हमेशा किसी के जीवन में अपना विशेष स्थान रखते हैं। इसलिए सच्ची दोस्ती हमेशा मन से नहीं बल्कि दिल से ही होती है।